महराजगंज (बागापार)। जनपद के बागापार बरईठवा क्षेत्र में ‘श्री शतचंडी महायज्ञ’ का शुभारंभ हुआ। महायज्ञ के पहले दिन बागापार बरईठवा से चानकी घाट तक एक विशाल कलश यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यज्ञ स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष पूजन के बाद कलश यात्रा शुरू हुई। सैकड़ों महिला श्रद्धालुओं ने पीले और लाल वस्त्र पहनकर सिर पर मंगल कलश धारण किए। वे कतारबद्ध होकर यात्रा में आगे बढ़ीं। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर श्रद्धालु आगे बढ़ते रहे। कलश यात्रा के मार्ग में स्थानीय ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। चानकी घाट पहुंचने पर विद्वान पुरोहितों की देखरेख में नदी के तट पर विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। कलशों में पवित्र जल भरने के बाद यात्रा यज्ञ स्थल पर लौटी, जहां कलशों की स्थापना के साथ महायज्ञ का औपचारिक अनुष्ठान प्रारंभ हुआ। आयोजन की विशालता और श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल मुस्तैद रहा। बागापार से चानकी घाट तक यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। इसका उद्देश्य यातायात को सुचारु रखना और धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना था।
श्री शतचंडी महायज्ञ शुरू, कलश यात्रा निकली: बागापार से चानकी घाट तक सैकड़ों महिलाएं कलश लेकर चलीं – Maharajganj News
महराजगंज (बागापार)। जनपद के बागापार बरईठवा क्षेत्र में ‘श्री शतचंडी महायज्ञ’ का शुभारंभ हुआ। महायज्ञ के पहले दिन बागापार बरईठवा से चानकी घाट तक एक विशाल कलश यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यज्ञ स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष पूजन के बाद कलश यात्रा शुरू हुई। सैकड़ों महिला श्रद्धालुओं ने पीले और लाल वस्त्र पहनकर सिर पर मंगल कलश धारण किए। वे कतारबद्ध होकर यात्रा में आगे बढ़ीं। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर श्रद्धालु आगे बढ़ते रहे। कलश यात्रा के मार्ग में स्थानीय ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। चानकी घाट पहुंचने पर विद्वान पुरोहितों की देखरेख में नदी के तट पर विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। कलशों में पवित्र जल भरने के बाद यात्रा यज्ञ स्थल पर लौटी, जहां कलशों की स्थापना के साथ महायज्ञ का औपचारिक अनुष्ठान प्रारंभ हुआ। आयोजन की विशालता और श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल मुस्तैद रहा। बागापार से चानकी घाट तक यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। इसका उद्देश्य यातायात को सुचारु रखना और धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना था।






































