खुनियाँव क्षेत्र में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार गिरते तापमान और शीतलहर के कारण आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण नागरिकों ने प्रशासन से सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाने और कंबल वितरण की मांग की है। क्षेत्र में तेज ठंडी हवाओं के साथ कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सुबह और शाम के समय ठंड का प्रकोप इतना अधिक होता है कि लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और लोग केवल अत्यंत आवश्यक कार्यों के लिए ही बाहर निकल रहे हैं। इस ठंड से सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, छोटे बच्चों, महिलाओं और दिहाड़ी मजदूरों को हो रही है। खेतों में काम करने वाले किसान, निर्माण कार्य से जुड़े मजदूर और छोटे दुकानदार ठंड के कारण अपने कार्य समय को सीमित करने को मजबूर हैं, जिससे उनकी रोजी-रोटी भी प्रभावित हो रही है। सुबह-सुबह विद्यालय जाने वाले स्कूली बच्चों को भी ठंड में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिसका असर उनकी पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और ग्राम पंचायत से सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाने की मांग की है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत भवन, प्रमुख चौराहों, बाजारों, बस स्टैंड, विद्यालयों के आसपास तथा अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अलाव की व्यवस्था होने से लोगों को ठंड से कुछ राहत मिल सकती है। वर्तमान में अलाव की समुचित व्यवस्था न होने से आमजन परेशान है। स्थानीय लोगों सर्वजीत यादव, दयाराम, हरीराम, अंडीप, नंकन, मोहम्मद अमीर और मंटू चौधरी ने बताया कि हर वर्ष सर्दियों में अलाव की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन इस बार अब तक पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ठंड बढ़ने के साथ गरीब और असहाय वर्ग की समस्याएं और गंभीर हो जाती हैं, जिनके पास गर्म कपड़ों और अन्य संसाधनों की कमी है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से शीघ्र संज्ञान लेते हुए अलाव जलवाने, कंबल वितरण और अन्य राहत कार्य शुरू कराने की मांग की है।
खुनियाँव में कड़ाके की ठंड, जनजीवन अस्त-व्यस्त:ग्रामीण प्रशासन से अलाव और कंबल वितरण की कर रहे मांग
खुनियाँव क्षेत्र में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार गिरते तापमान और शीतलहर के कारण आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण नागरिकों ने प्रशासन से सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाने और कंबल वितरण की मांग की है। क्षेत्र में तेज ठंडी हवाओं के साथ कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सुबह और शाम के समय ठंड का प्रकोप इतना अधिक होता है कि लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और लोग केवल अत्यंत आवश्यक कार्यों के लिए ही बाहर निकल रहे हैं। इस ठंड से सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, छोटे बच्चों, महिलाओं और दिहाड़ी मजदूरों को हो रही है। खेतों में काम करने वाले किसान, निर्माण कार्य से जुड़े मजदूर और छोटे दुकानदार ठंड के कारण अपने कार्य समय को सीमित करने को मजबूर हैं, जिससे उनकी रोजी-रोटी भी प्रभावित हो रही है। सुबह-सुबह विद्यालय जाने वाले स्कूली बच्चों को भी ठंड में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिसका असर उनकी पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और ग्राम पंचायत से सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाने की मांग की है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत भवन, प्रमुख चौराहों, बाजारों, बस स्टैंड, विद्यालयों के आसपास तथा अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अलाव की व्यवस्था होने से लोगों को ठंड से कुछ राहत मिल सकती है। वर्तमान में अलाव की समुचित व्यवस्था न होने से आमजन परेशान है। स्थानीय लोगों सर्वजीत यादव, दयाराम, हरीराम, अंडीप, नंकन, मोहम्मद अमीर और मंटू चौधरी ने बताया कि हर वर्ष सर्दियों में अलाव की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन इस बार अब तक पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ठंड बढ़ने के साथ गरीब और असहाय वर्ग की समस्याएं और गंभीर हो जाती हैं, जिनके पास गर्म कपड़ों और अन्य संसाधनों की कमी है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से शीघ्र संज्ञान लेते हुए अलाव जलवाने, कंबल वितरण और अन्य राहत कार्य शुरू कराने की मांग की है।





































