महराजगंज में नोटों की गड्डी के साथ वायरल हुए वीडियो को लेकर भाजपा जिला मंत्री गौतम तिवारी ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाया गया ‘फेक वीडियो’ बताया है। तिवारी ने एक अलग वीडियो जारी कर कहा कि वायरल किया गया फुटेज पूरी तरह से मनगढ़ंत है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अराजक तत्व जानबूझकर उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका इस वीडियो से कोई लेना-देना नहीं है और इसमें दिखाई गई बातें सत्य नहीं हैं। भाजपा जिला मंत्री का यह बयान सामने आने के बाद मामला और पेचीदा हो गया है। इससे पहले, सोशल मीडिया पर 20 सेकेंड का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। इसमें एक अंधेरे कमरे में नोटों की गड्डी के साथ एक व्यक्ति खड़ा दिखाई दे रहा था, जिसे भाजपा नेता बताया जा रहा था। वीडियो में किसी को यह कहते हुए भी सुना गया था कि ‘मंत्री जी, वीडियो बन गया है’। इसके बाद 3.31 मिनट का दूसरा वीडियो सामने आया, जिसमें गौतम तिवारी ने पूरे घटनाक्रम को जादू-टोना और ठगी से जुड़ा बताया। भाजपा नेता का कहना है कि उनसे करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने यह रकम ली, वही अब AI तकनीक के जरिये फर्जी वीडियो बनाकर उन्हें बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यह वीडियो 10 जनवरी को बनाया गया बताया जा रहा है, लेकिन वीडियो कहां का है, इसकी कोई ठोस जानकारी नहीं है। हालांकि, इस मामले में जिम्मेदार विभागों की चुप्पी भी सवाल खड़े कर रही है। पुलिस और आयकर विभाग दोनों ने ही अब तक किसी भी तरह की जांच से इनकार किया है। सदर कोतवाल निर्भय सिंह के अनुसार, इस संबंध में कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। वहीं, आयकर विभाग के अधिकारी आनंद गुप्ता ने बताया कि विभाग को कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी इस पूरे मामले में अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। ऐसे में AI से फेक वीडियो बनाए जाने के दावे के बाद नोटों की गड्डी से जुड़ा यह प्रकरण और रहस्यमय हो गया है। पुलिस जांच और औपचारिक शिकायत के बिना सच क्या है, यह सवाल फिलहाल अनुत्तरित बना हुआ है।
भाजपा मंत्री ने नोटों के VIDEO को AI फेक बताया: महराजगंज में नोटों की गड्डी प्रकरण में आया नया मोड़, अब तक कोई जांच नहीं – Maharajganj News
महराजगंज में नोटों की गड्डी के साथ वायरल हुए वीडियो को लेकर भाजपा जिला मंत्री गौतम तिवारी ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाया गया ‘फेक वीडियो’ बताया है। तिवारी ने एक अलग वीडियो जारी कर कहा कि वायरल किया गया फुटेज पूरी तरह से मनगढ़ंत है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अराजक तत्व जानबूझकर उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका इस वीडियो से कोई लेना-देना नहीं है और इसमें दिखाई गई बातें सत्य नहीं हैं। भाजपा जिला मंत्री का यह बयान सामने आने के बाद मामला और पेचीदा हो गया है। इससे पहले, सोशल मीडिया पर 20 सेकेंड का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। इसमें एक अंधेरे कमरे में नोटों की गड्डी के साथ एक व्यक्ति खड़ा दिखाई दे रहा था, जिसे भाजपा नेता बताया जा रहा था। वीडियो में किसी को यह कहते हुए भी सुना गया था कि ‘मंत्री जी, वीडियो बन गया है’। इसके बाद 3.31 मिनट का दूसरा वीडियो सामने आया, जिसमें गौतम तिवारी ने पूरे घटनाक्रम को जादू-टोना और ठगी से जुड़ा बताया। भाजपा नेता का कहना है कि उनसे करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने यह रकम ली, वही अब AI तकनीक के जरिये फर्जी वीडियो बनाकर उन्हें बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यह वीडियो 10 जनवरी को बनाया गया बताया जा रहा है, लेकिन वीडियो कहां का है, इसकी कोई ठोस जानकारी नहीं है। हालांकि, इस मामले में जिम्मेदार विभागों की चुप्पी भी सवाल खड़े कर रही है। पुलिस और आयकर विभाग दोनों ने ही अब तक किसी भी तरह की जांच से इनकार किया है। सदर कोतवाल निर्भय सिंह के अनुसार, इस संबंध में कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। वहीं, आयकर विभाग के अधिकारी आनंद गुप्ता ने बताया कि विभाग को कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी इस पूरे मामले में अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। ऐसे में AI से फेक वीडियो बनाए जाने के दावे के बाद नोटों की गड्डी से जुड़ा यह प्रकरण और रहस्यमय हो गया है। पुलिस जांच और औपचारिक शिकायत के बिना सच क्या है, यह सवाल फिलहाल अनुत्तरित बना हुआ है।






































