डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के वासा गांव की निवासी शबाना फारूक काजी ने मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव में जीत हासिल की है। उन्होंने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के टिकट पर वार्ड नंबर 143, चीता कैंप क्षेत्र से नगर सेवक का चुनाव लड़ा और 947 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। यह शबाना काजी की पहली चुनावी भागीदारी थी। उन्हें कुल 5264 मत प्राप्त हुए, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी शिवसेना की शोभा दिनकर जयभाये को 4321 मत मिले। शबाना की इस जीत से उनके परिजनों और वासा गांव के ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। गांव के निवासी शारिक काजी ने बताया कि शबाना की सफलता पर पूरा गांव उत्साहित है। कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष और वासा गांव के निवासी काजी सुहेल अहमद ने शबाना फारूक काजी की जीत को पूरे वासा गांव के लिए गौरवपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मुंबई के ऐतिहासिक बीएमसी चुनाव में यह एक महत्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धि है।
डुमरियागंज की महिला ने चुनाव जीता:AIMIM के टिकट पर 947 मतों से दर्ज की जीत
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के वासा गांव की निवासी शबाना फारूक काजी ने मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव में जीत हासिल की है। उन्होंने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के टिकट पर वार्ड नंबर 143, चीता कैंप क्षेत्र से नगर सेवक का चुनाव लड़ा और 947 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। यह शबाना काजी की पहली चुनावी भागीदारी थी। उन्हें कुल 5264 मत प्राप्त हुए, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी शिवसेना की शोभा दिनकर जयभाये को 4321 मत मिले। शबाना की इस जीत से उनके परिजनों और वासा गांव के ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। गांव के निवासी शारिक काजी ने बताया कि शबाना की सफलता पर पूरा गांव उत्साहित है। कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष और वासा गांव के निवासी काजी सुहेल अहमद ने शबाना फारूक काजी की जीत को पूरे वासा गांव के लिए गौरवपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मुंबई के ऐतिहासिक बीएमसी चुनाव में यह एक महत्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धि है।










































