मनरेगा बचाओ संग्राम, कांग्रेस ने ग्राम चौपाल आयोजित की:केंद्र सरकार पर साधा निशाना, मजदूरी बढ़ाने पर जोर

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श्रावस्ती में मनरेगा कानून को बचाने और इसके महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत यह चौपाल विधानसभा क्षेत्र 289 भिनगा के ग्राम नगरिया में हुई। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों, मजदूरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस अवसर पर ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ श्रावस्ती के जिला कोऑर्डिनेटर पं. अमन पाण्डेय एडवोकेट ने केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मनरेगा गरीबों और मजदूरों का कानूनी अधिकार है, लेकिन सरकार इसे कमजोर कर उनका हक छीनने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनविरोधी नीतियों पर काम कर रही है, जिससे गरीब जनता प्रभावित हो रही है। पं. अमन पाण्डेय ने कोरोना महामारी के दौरान मनरेगा की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उस संकटकाल में मनरेगा ने लाखों जरूरतमंद परिवारों को सहारा दिया और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संभाला। इसके बावजूद, उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने इस योजना को मजबूत करने के बजाय इसके प्रति उदासीन रवैया अपनाया है। पाण्डेय ने यह भी कहा कि सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर ‘जी रामजी योजना’ कर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि मनरेगा मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने की मांग पर सरकार चुप्पी क्यों साध लेती है, जिससे उसकी मंशा स्पष्ट होती है।ग्राम चौपाल में अन्य वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा को कमजोर किया गया, तो ग्रामीण इलाकों से पलायन बढ़ेगा और गांवों का विकास ठप हो जाएगा। उन्होंने मनरेगा को केवल रोजगार की गारंटी नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की रीढ़ बताया। कार्यक्रम के अंत में, ग्रामीणों ने एक स्वर में मनरेगा को मजबूत करने, मजदूरी बढ़ाने और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने यह संकल्प भी लिया कि ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा और मजदूरों के हक की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ी जाएगी।

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