बहराइच में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चिन्हित मरीजों के लिए एक विशेष पहल शुरू की गई है। इसके अंतर्गत, ब्लॉक स्तर पर सूजन प्रबंधन और दिव्यांगता रोकथाम (एमएमडीपी) के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां एमएमडीपी किट का वितरण किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि फाइलेरिया एक ऐसी बीमारी है जो पूरी तरह ठीक नहीं होती, लेकिन सही इलाज, नियमित देखभाल और स्वच्छता से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने जोर दिया कि समय पर प्रबंधन न होने पर सूजन बढ़ सकती है और व्यक्ति को आजीवन परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए एमएमडीपी सेवाएं सभी मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस विशेष अभियान के तहत, जनवरी से मार्च 2026 तक जिले के सभी ब्लॉकों में एमएमडीपी शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में फाइलेरिया मरीजों को स्वच्छता, देखभाल और संक्रमण से बचाव की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। मरीजों को एमएमडीपी किट भी प्रदान की जाएगी, जिसमें साबुन, एंटीसेप्टिक लोशन, मग, बाल्टी और देखभाल संबंधी गाइडबुक शामिल होगी। यह किट उन्हें अपने पैरों और प्रभावित अंगों की नियमित देखभाल करने में मदद करेगी। शिविरों का आयोजन मोतीपुर में 22 जनवरी को, बलहा में 23 जनवरी को, शिवपुर में 6 मार्च को, नवाबगंज में 9 मार्च को, रिसिया में 10 मार्च को, पयागपुर में 12 मार्च को, विशेश्वरगंज में 13 मार्च को, हुजूरपुर में 16 मार्च को, तेजवापुर में 17 मार्च को, कैसरगंज में 19 मार्च को, फखरपुर में 20 मार्च को, महसी में 23 मार्च को और सलारगंज में 24 मार्च को किया जाएगा। सभी शिविर दोपहर 1 बजे से शुरू होंगे। सीएमओ ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अधीक्षकों और नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से चिन्हित मरीजों को शिविर स्थल तक लाया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी फाइलेरिया पीड़ित एमएमडीपी किट और आवश्यक परामर्श से वंचित न रहे। जिला फाइलेरिया नियंत्रण अधिकारी दीपमाला के अनुसार, एमएमडीपी किट के नियमित उपयोग, सफाई, व्यायाम और देखभाल से सूजन को बढ़ने से रोका जा सकता है, जिससे मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं। उन्होंने बताया कि इन शिविरों का एक अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य फाइलेरिया से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना और मरीजों में आत्मविश्वास बढ़ाना भी है।
फाइलेरिया मरीजों के लिए विशेष शिविर: बहराइच के सभी ब्लॉकों में एमएमडीपी किट का होगा वितरण – Bahraich News
बहराइच में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चिन्हित मरीजों के लिए एक विशेष पहल शुरू की गई है। इसके अंतर्गत, ब्लॉक स्तर पर सूजन प्रबंधन और दिव्यांगता रोकथाम (एमएमडीपी) के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां एमएमडीपी किट का वितरण किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि फाइलेरिया एक ऐसी बीमारी है जो पूरी तरह ठीक नहीं होती, लेकिन सही इलाज, नियमित देखभाल और स्वच्छता से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने जोर दिया कि समय पर प्रबंधन न होने पर सूजन बढ़ सकती है और व्यक्ति को आजीवन परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए एमएमडीपी सेवाएं सभी मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस विशेष अभियान के तहत, जनवरी से मार्च 2026 तक जिले के सभी ब्लॉकों में एमएमडीपी शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में फाइलेरिया मरीजों को स्वच्छता, देखभाल और संक्रमण से बचाव की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। मरीजों को एमएमडीपी किट भी प्रदान की जाएगी, जिसमें साबुन, एंटीसेप्टिक लोशन, मग, बाल्टी और देखभाल संबंधी गाइडबुक शामिल होगी। यह किट उन्हें अपने पैरों और प्रभावित अंगों की नियमित देखभाल करने में मदद करेगी। शिविरों का आयोजन मोतीपुर में 22 जनवरी को, बलहा में 23 जनवरी को, शिवपुर में 6 मार्च को, नवाबगंज में 9 मार्च को, रिसिया में 10 मार्च को, पयागपुर में 12 मार्च को, विशेश्वरगंज में 13 मार्च को, हुजूरपुर में 16 मार्च को, तेजवापुर में 17 मार्च को, कैसरगंज में 19 मार्च को, फखरपुर में 20 मार्च को, महसी में 23 मार्च को और सलारगंज में 24 मार्च को किया जाएगा। सभी शिविर दोपहर 1 बजे से शुरू होंगे। सीएमओ ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अधीक्षकों और नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से चिन्हित मरीजों को शिविर स्थल तक लाया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी फाइलेरिया पीड़ित एमएमडीपी किट और आवश्यक परामर्श से वंचित न रहे। जिला फाइलेरिया नियंत्रण अधिकारी दीपमाला के अनुसार, एमएमडीपी किट के नियमित उपयोग, सफाई, व्यायाम और देखभाल से सूजन को बढ़ने से रोका जा सकता है, जिससे मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं। उन्होंने बताया कि इन शिविरों का एक अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य फाइलेरिया से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना और मरीजों में आत्मविश्वास बढ़ाना भी है।






































