बलरामपुर। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर “मिशन शक्ति 5” अभियान के तहत थाना कोतवाली गैसड़ी और जरवा की महिला सुरक्षा टीम ने महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक किया। इस दौरान उन्हें आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा और विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा के प्रति सजग बनाना और आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने में सक्षम बनाना है। कार्यक्रम में टीम ने छात्राओं और महिलाओं को आत्मरक्षा के महत्व के बारे में बताया। उन्हें समझाया गया कि आत्मरक्षा केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक साहस का भी प्रतीक है। टीम ने विभिन्न सुरक्षा ऐप्स के साथ-साथ महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन नंबर 112, महिला सहायता नंबर 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। पुलिस टीम ने स्पष्ट किया कि इन हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, छेड़खानी या साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल मदद प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है। साइबर सुरक्षा के संबंध में, बालिकाओं को सोशल मीडिया पर सुरक्षित रहने के तरीके बताए गए। उन्हें अजनबियों से बातचीत करते समय सावधानी बरतने और अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने की सलाह दी गई। टीम ने जोर दिया कि छोटी-छोटी सावधानियां बरतकर बड़ी घटनाओं से बचा जा सकता है। महिला सुरक्षा टीम ने जागरूकता बढ़ाने के लिए स्थानीय विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों और बाजार क्षेत्रों में पंपलेट भी वितरित किए। इस दौरान लोगों को “मिशन शक्ति” अभियान के उद्देश्यों से अवगत कराया गया। महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया। इस पहल की उपस्थित महिलाओं ने सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों से उन्हें आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना मिलती है। बलरामपुर पुलिस का यह प्रयास महिला सशक्तिकरण और सुरक्षित समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मिशन शक्ति के तहत पुलिस ने किया जागरूक:जरवा और गैसड़ी पुलिस ने महिलाओं-बालिकाओं को दी आत्मरक्षा
बलरामपुर। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर “मिशन शक्ति 5” अभियान के तहत थाना कोतवाली गैसड़ी और जरवा की महिला सुरक्षा टीम ने महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक किया। इस दौरान उन्हें आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा और विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा के प्रति सजग बनाना और आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने में सक्षम बनाना है। कार्यक्रम में टीम ने छात्राओं और महिलाओं को आत्मरक्षा के महत्व के बारे में बताया। उन्हें समझाया गया कि आत्मरक्षा केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक साहस का भी प्रतीक है। टीम ने विभिन्न सुरक्षा ऐप्स के साथ-साथ महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन नंबर 112, महिला सहायता नंबर 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। पुलिस टीम ने स्पष्ट किया कि इन हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, छेड़खानी या साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल मदद प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है। साइबर सुरक्षा के संबंध में, बालिकाओं को सोशल मीडिया पर सुरक्षित रहने के तरीके बताए गए। उन्हें अजनबियों से बातचीत करते समय सावधानी बरतने और अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने की सलाह दी गई। टीम ने जोर दिया कि छोटी-छोटी सावधानियां बरतकर बड़ी घटनाओं से बचा जा सकता है। महिला सुरक्षा टीम ने जागरूकता बढ़ाने के लिए स्थानीय विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों और बाजार क्षेत्रों में पंपलेट भी वितरित किए। इस दौरान लोगों को “मिशन शक्ति” अभियान के उद्देश्यों से अवगत कराया गया। महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया। इस पहल की उपस्थित महिलाओं ने सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों से उन्हें आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना मिलती है। बलरामपुर पुलिस का यह प्रयास महिला सशक्तिकरण और सुरक्षित समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।









































