बस्ती जीआरपी के विवेचक एसआई श्रवण कुमार यादव को उत्कृष्ट विवेचना के लिए सम्मानित किया गया है। उन्होंने एक एनडीपीएस मामले में मात्र छह माह में अभियुक्तों को 10 साल के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अपर पुलिस महानिदेशक (रेलवे) प्रकाश डी ने लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में उन्हें प्रशस्ति पत्र और नगद पुरस्कार प्रदान किया। यह सम्मान उनकी सराहनीय कार्यशैली और प्रभावी जांच के लिए दिया गया। यह मामला जीआरपी थाना बस्ती से संबंधित है। पुलिस ने 29 मार्च 2025 को बलरामपुर निवासी अहमर खान उर्फ तारिक और रमजान शेख को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 515 सीसी कोडीन नशीली सीरप (कुल 51.5 लीटर) बरामद की गई थी। इस संबंध में मु0अ0सं0 14/2025 धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अभियुक्तों को जेल भेजा गया था। मामले के विवेचक एसआई श्रवण कुमार यादव ने वैज्ञानिक और सुसंगत साक्ष्य जुटाते हुए गहन विवेचना की। विवेचना पूरी होने के बाद, उन्होंने 20 मई 2025 को अभियुक्तों के खिलाफ माननीय न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। माननीय न्यायालय विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट)/एडीजे/एफटीसी-2 बस्ती ने इस मामले का संज्ञान लिया। न्यायालय ने अभियुक्त अहमर खान उर्फ तारिक और रमजान शेख को अवैध मादक पदार्थ रखने का दोषी पाया। उन्हें 10 साल के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।











































