महराजगंज जिले में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा तथा सशक्तिकरण के लिए मिशन शक्ति फेज 5.0 के तहत जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 20 दिसंबर को ग्राम सभा देवघट्टी में पुलिस टीम ने महिलाओं, बालिकाओं और बच्चों को उनके सुरक्षा अधिकारों के प्रति जागरूक किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बालक-बालिकाओं को सशक्त बनाना, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तथा साइबर अपराधों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’, सखी-वन स्टॉप सेंटर, पॉक्सो एक्ट और मिशन शक्ति से जुड़ी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। पुलिस टीम ने बच्चों को ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के बारे में सरल शब्दों में समझाया, ताकि वे किसी भी अनुचित व्यवहार को पहचान सकें और समय पर सहायता प्राप्त कर सकें। इसके अतिरिक्त, बाल विवाह, दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध भी जागरूकता फैलाई गई। इस दौरान पंपलेट भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं को 1098, 1090, 1076, 181, 112 और 1930 जैसे महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई, ताकि आपात स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके। यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा के प्रति विश्वास बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
देवघट्टी में मिशन शक्ति 5.0 के तहत जागरूकता अभियान: महिलाओं, बालिकाओं और बच्चों को सुरक्षा व अधिकारों की जानकारी दी गई – Pipra Khem(Maharajganj sadar) News
महराजगंज जिले में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा तथा सशक्तिकरण के लिए मिशन शक्ति फेज 5.0 के तहत जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 20 दिसंबर को ग्राम सभा देवघट्टी में पुलिस टीम ने महिलाओं, बालिकाओं और बच्चों को उनके सुरक्षा अधिकारों के प्रति जागरूक किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बालक-बालिकाओं को सशक्त बनाना, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तथा साइबर अपराधों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’, सखी-वन स्टॉप सेंटर, पॉक्सो एक्ट और मिशन शक्ति से जुड़ी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। पुलिस टीम ने बच्चों को ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के बारे में सरल शब्दों में समझाया, ताकि वे किसी भी अनुचित व्यवहार को पहचान सकें और समय पर सहायता प्राप्त कर सकें। इसके अतिरिक्त, बाल विवाह, दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध भी जागरूकता फैलाई गई। इस दौरान पंपलेट भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं को 1098, 1090, 1076, 181, 112 और 1930 जैसे महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई, ताकि आपात स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके। यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा के प्रति विश्वास बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।





































