तहसील बांसी में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने भ्रष्टाचार और लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया। वरासत के एक मामले में रिश्वत मांगने और बिना अनुमति समाधान दिवस से अनुपस्थित रहने के आरोप में लमुई ताल के हल्का लेखपाल राजाराम को निलंबित करने के निर्देश दिए गए। डीएम की इस कार्रवाई से तहसील स्तर पर हड़कंप मच गया। समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी के संज्ञान में आया कि लमुई ताल क्षेत्र के एक वरासत प्रकरण में संबंधित लेखपाल द्वारा रिश्वत मांगी गई थी। इसके साथ ही लेखपाल समाधान दिवस में बिना अनुमति के अनुपस्थित भी रहा। दोनों आरोपों को गंभीर मानते हुए डीएम ने मौके पर ही निलंबन की संस्तुति कर दी। शनिवार को तहसील बांसी में आयोजित समाधान दिवस में पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन भी मौजूद रहे। डीएम और एसपी ने संयुक्त रूप से राजस्व, विकास, नगर निकाय, पूर्ति और पुलिस विभाग से जुड़ी शिकायतों की बारी-बारी से सुनवाई की। जिलाधिकारी ने पिछले समाधान दिवसों में आई लंबित शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने कई मामलों में देरी पर नाराजगी जताते हुए जिला स्तरीय टीम गठित कर मौके पर जाकर जांच के निर्देश दिए। भूमि विवादों पर सख्त निर्देश डीएम ने विशेष रूप से भूमि विवादों के निस्तारण को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुर्सी पर बैठकर रिपोर्ट न लगाएं, बल्कि मौके पर जाकर निरीक्षण करें और वास्तविक स्थिति के आधार पर समाधान कराएं।उन्होंने दो टूक कहा कि तहसील समाधान दिवस और आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कानूनगो-लेखपालों को रजिस्टर रखने का आदेश जिलाधिकारी ने कानूनगो और लेखपालों को भूमि संपत्ति रजिस्टर और भूमि विवाद रजिस्टर अनिवार्य रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी विभाग का प्रकरण लंबित पाया गया तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है। 48 शिकायतें आईं, 5 का मौके पर निस्तारण समाधान दिवस में कुल 48 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए। इनमें राजस्व के 30, नगर पालिका के 10, पुलिस के 5, पूर्ति विभाग के 2 और बाल विकास का 1 मामला शामिल रहा।राजस्व से जुड़े 5 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष सभी शिकायतों के तीन दिन के भीतर शत-प्रतिशत निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारी रहे मौजूद इस अवसर पर डीएफओ, सीएमओ डॉ. रजत कुमार चौरसिया, पीडी नागेन्द्र मोहन राम त्रिपाठी, डीडीओ सतीश सिंह, डीएसओ देवेन्द्र प्रताप सिंह, उपकृषि निदेशक राजेश कुमार सहित तहसील व ब्लॉक स्तर के सभी अधिकारी उपस्थित रहे। सम्पूर्ण समाधान दिवस में डीएम की सख्ती से यह संदेश साफ गया कि भ्रष्टाचार और लापरवाही पर अब सीधी कार्रवाई होगी और आम जनता की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा।
सिद्धार्थनगर में रिश्वत मांगने पर लेखपाल सस्पेंड:डीएम को समाधान दिवस में शिकायत मिली, तत्काल लिया एक्शन
तहसील बांसी में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने भ्रष्टाचार और लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया। वरासत के एक मामले में रिश्वत मांगने और बिना अनुमति समाधान दिवस से अनुपस्थित रहने के आरोप में लमुई ताल के हल्का लेखपाल राजाराम को निलंबित करने के निर्देश दिए गए। डीएम की इस कार्रवाई से तहसील स्तर पर हड़कंप मच गया। समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी के संज्ञान में आया कि लमुई ताल क्षेत्र के एक वरासत प्रकरण में संबंधित लेखपाल द्वारा रिश्वत मांगी गई थी। इसके साथ ही लेखपाल समाधान दिवस में बिना अनुमति के अनुपस्थित भी रहा। दोनों आरोपों को गंभीर मानते हुए डीएम ने मौके पर ही निलंबन की संस्तुति कर दी। शनिवार को तहसील बांसी में आयोजित समाधान दिवस में पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन भी मौजूद रहे। डीएम और एसपी ने संयुक्त रूप से राजस्व, विकास, नगर निकाय, पूर्ति और पुलिस विभाग से जुड़ी शिकायतों की बारी-बारी से सुनवाई की। जिलाधिकारी ने पिछले समाधान दिवसों में आई लंबित शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने कई मामलों में देरी पर नाराजगी जताते हुए जिला स्तरीय टीम गठित कर मौके पर जाकर जांच के निर्देश दिए। भूमि विवादों पर सख्त निर्देश डीएम ने विशेष रूप से भूमि विवादों के निस्तारण को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुर्सी पर बैठकर रिपोर्ट न लगाएं, बल्कि मौके पर जाकर निरीक्षण करें और वास्तविक स्थिति के आधार पर समाधान कराएं।उन्होंने दो टूक कहा कि तहसील समाधान दिवस और आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कानूनगो-लेखपालों को रजिस्टर रखने का आदेश जिलाधिकारी ने कानूनगो और लेखपालों को भूमि संपत्ति रजिस्टर और भूमि विवाद रजिस्टर अनिवार्य रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी विभाग का प्रकरण लंबित पाया गया तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है। 48 शिकायतें आईं, 5 का मौके पर निस्तारण समाधान दिवस में कुल 48 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए। इनमें राजस्व के 30, नगर पालिका के 10, पुलिस के 5, पूर्ति विभाग के 2 और बाल विकास का 1 मामला शामिल रहा।राजस्व से जुड़े 5 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष सभी शिकायतों के तीन दिन के भीतर शत-प्रतिशत निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारी रहे मौजूद इस अवसर पर डीएफओ, सीएमओ डॉ. रजत कुमार चौरसिया, पीडी नागेन्द्र मोहन राम त्रिपाठी, डीडीओ सतीश सिंह, डीएसओ देवेन्द्र प्रताप सिंह, उपकृषि निदेशक राजेश कुमार सहित तहसील व ब्लॉक स्तर के सभी अधिकारी उपस्थित रहे। सम्पूर्ण समाधान दिवस में डीएम की सख्ती से यह संदेश साफ गया कि भ्रष्टाचार और लापरवाही पर अब सीधी कार्रवाई होगी और आम जनता की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा।



































