महाराजगंज के जवाहरलाल नेहरू पीजी कॉलेज में 27 और 28 फरवरी 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। यह संगोष्ठी उत्तर प्रदेश संस्कृत विभाग, हिंदुस्तानी अकादमी प्रयागराज और जवाहरलाल नेहरू पीजी कॉलेज के हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न होगी। संगोष्ठी का मुख्य विषय ‘भारतीय ज्ञान परंपरा, बौद्ध दर्शन और साहित्य’ रखा गया है। इसमें शिक्षा, संस्कृति और संस्कार के मूलभूत तत्वों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। इस दो दिवसीय आयोजन में देशभर से प्रमुख साहित्यकार, विद्वान, कवि, वैज्ञानिक, शिक्षाविद्, समाजसेवी, शिक्षक और शोध छात्र भाग लेंगे। कार्यक्रम के तहत सांस्कृतिक संध्या, कवि सम्मेलन, पुस्तक मेला और विज्ञान उत्सव जैसे विविध आयोजन भी किए जाएंगे। संगोष्ठी के दौरान तीन विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें प्रोफेसर शिब्बन लाल सक्सेना समाज सेवा सम्मान, हरिद्वार भट्ट साहित्य सम्मान और सोनपति देवी नारी शक्ति सम्मान शामिल हैं। आयोजन की तैयारियों को लेकर पीजी कॉलेज के प्राचार्य कक्ष में प्राचार्य डॉ. अजय कुमार मिश्र की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में कवि सम्मेलन, सांस्कृतिक संध्या, सम्मान समारोह, पुस्तक मेला और विज्ञान उत्सव को सफल बनाने के लिए शिक्षकों व कर्मचारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। प्राचार्य डॉ. अजय कुमार मिश्र ने इस उत्सव को महाविद्यालय के लिए एक बड़ा शैक्षणिक और सांस्कृतिक आयोजन बताया। आयोजन संयोजक डॉ. बिपिन यादव ने जानकारी दी कि इस उत्सव में अनेक विश्वविद्यालयों के कुलपति, पूर्व कुलपति, आचार्य, वैज्ञानिक, साहित्यकार, समाजसेवी, शिक्षक और शोध छात्रों को अपनी मौलिक रचनाएं और लेख प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। सामाजिक संस्था सिटीजन फोरम, अमित सिंह भैया फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजें, राजकमल प्रकाशन समूह नया परिमल प्रयागराज तथा भारतीय बौद्ध महासभा उत्तर प्रदेश भी इस आयोजन में अपनी भागीदारी निभाएंगे। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. राणा प्रताप तिवारी को आयोजन सचिव, डॉ. विजय आनंद मिश्र को सह-संयोजक तथा डॉ. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव एवं डॉ. नंदिता मिश्रा को सह-संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कवि सम्मेलन में डॉ. नीलोत्पल मृणाल, डॉ. विनम्र सेन सिंह, मनु वैशाली, रामायण घर द्विवेदी, डॉ. चारुशीला सिंह और विकास बौखल अपनी रचनाओं से सांस्कृतिक संध्या को गति प्रदान करेंगे।
महराजगंज के पीजी कॉलेज में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: 27 व 28 फरवरी को होगा आयोजन, भारतीय ज्ञान परंपरा पर विमर्श – Maharajganj News
महाराजगंज के जवाहरलाल नेहरू पीजी कॉलेज में 27 और 28 फरवरी 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। यह संगोष्ठी उत्तर प्रदेश संस्कृत विभाग, हिंदुस्तानी अकादमी प्रयागराज और जवाहरलाल नेहरू पीजी कॉलेज के हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न होगी। संगोष्ठी का मुख्य विषय ‘भारतीय ज्ञान परंपरा, बौद्ध दर्शन और साहित्य’ रखा गया है। इसमें शिक्षा, संस्कृति और संस्कार के मूलभूत तत्वों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। इस दो दिवसीय आयोजन में देशभर से प्रमुख साहित्यकार, विद्वान, कवि, वैज्ञानिक, शिक्षाविद्, समाजसेवी, शिक्षक और शोध छात्र भाग लेंगे। कार्यक्रम के तहत सांस्कृतिक संध्या, कवि सम्मेलन, पुस्तक मेला और विज्ञान उत्सव जैसे विविध आयोजन भी किए जाएंगे। संगोष्ठी के दौरान तीन विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें प्रोफेसर शिब्बन लाल सक्सेना समाज सेवा सम्मान, हरिद्वार भट्ट साहित्य सम्मान और सोनपति देवी नारी शक्ति सम्मान शामिल हैं। आयोजन की तैयारियों को लेकर पीजी कॉलेज के प्राचार्य कक्ष में प्राचार्य डॉ. अजय कुमार मिश्र की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में कवि सम्मेलन, सांस्कृतिक संध्या, सम्मान समारोह, पुस्तक मेला और विज्ञान उत्सव को सफल बनाने के लिए शिक्षकों व कर्मचारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। प्राचार्य डॉ. अजय कुमार मिश्र ने इस उत्सव को महाविद्यालय के लिए एक बड़ा शैक्षणिक और सांस्कृतिक आयोजन बताया। आयोजन संयोजक डॉ. बिपिन यादव ने जानकारी दी कि इस उत्सव में अनेक विश्वविद्यालयों के कुलपति, पूर्व कुलपति, आचार्य, वैज्ञानिक, साहित्यकार, समाजसेवी, शिक्षक और शोध छात्रों को अपनी मौलिक रचनाएं और लेख प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। सामाजिक संस्था सिटीजन फोरम, अमित सिंह भैया फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजें, राजकमल प्रकाशन समूह नया परिमल प्रयागराज तथा भारतीय बौद्ध महासभा उत्तर प्रदेश भी इस आयोजन में अपनी भागीदारी निभाएंगे। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. राणा प्रताप तिवारी को आयोजन सचिव, डॉ. विजय आनंद मिश्र को सह-संयोजक तथा डॉ. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव एवं डॉ. नंदिता मिश्रा को सह-संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कवि सम्मेलन में डॉ. नीलोत्पल मृणाल, डॉ. विनम्र सेन सिंह, मनु वैशाली, रामायण घर द्विवेदी, डॉ. चारुशीला सिंह और विकास बौखल अपनी रचनाओं से सांस्कृतिक संध्या को गति प्रदान करेंगे।






































