बलरामपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के रख-रखाव, बजट प्रबंधन और औषधि भंडारण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मेडिकल बोर्ड कक्ष, डिस्पैच रजिस्टर, पीसीपीएनडीटी कक्ष, वैक्सीन स्टोर, लेखा कक्ष, आईडीएसपी सेल, क्वालिटी सेल, आयुष्मान भारत कक्ष, जिला मलेरिया कक्ष और मेडिसिन स्टोर का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने सभी अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (एसीएमओ) के लिए स्पष्ट कार्य-विभाजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कार्यों में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बनी रहे। उन्होंने अभिलेखों के व्यवस्थित रख-रखाव पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी अलमारियों/रेक में रखे अभिलेखों की सूची स्पष्ट रूप से चस्पा की जाए, जिससे आवश्यकता पड़ने पर दस्तावेज तुरंत मिल सकें। श्री जैन ने मेडिकल रिम्बर्समेंट से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा की और उनके शीघ्र निस्तारण का निर्देश दिया, ताकि कर्मचारियों को अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए सभी स्वीकृत बजट का समयबद्ध और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को भी कहा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यकतानुसार फर्नीचर और रंग-रोगन के लिए उपलब्ध बजट का नियमानुसार उपयोग किया जाए। मेडिसिन स्टोर के निरीक्षण के दौरान, उन्होंने स्टॉक पंजिका का अवलोकन कर दवा स्टॉक का मिलान किया और नियमित रूप से स्टॉक रजिस्टर को अपडेट रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
डीएम ने सीएमओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया:बलरामपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की समीक्षा
बलरामपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के रख-रखाव, बजट प्रबंधन और औषधि भंडारण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मेडिकल बोर्ड कक्ष, डिस्पैच रजिस्टर, पीसीपीएनडीटी कक्ष, वैक्सीन स्टोर, लेखा कक्ष, आईडीएसपी सेल, क्वालिटी सेल, आयुष्मान भारत कक्ष, जिला मलेरिया कक्ष और मेडिसिन स्टोर का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने सभी अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (एसीएमओ) के लिए स्पष्ट कार्य-विभाजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कार्यों में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बनी रहे। उन्होंने अभिलेखों के व्यवस्थित रख-रखाव पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी अलमारियों/रेक में रखे अभिलेखों की सूची स्पष्ट रूप से चस्पा की जाए, जिससे आवश्यकता पड़ने पर दस्तावेज तुरंत मिल सकें। श्री जैन ने मेडिकल रिम्बर्समेंट से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा की और उनके शीघ्र निस्तारण का निर्देश दिया, ताकि कर्मचारियों को अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए सभी स्वीकृत बजट का समयबद्ध और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को भी कहा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यकतानुसार फर्नीचर और रंग-रोगन के लिए उपलब्ध बजट का नियमानुसार उपयोग किया जाए। मेडिसिन स्टोर के निरीक्षण के दौरान, उन्होंने स्टॉक पंजिका का अवलोकन कर दवा स्टॉक का मिलान किया और नियमित रूप से स्टॉक रजिस्टर को अपडेट रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।





































