महराजगंज जिले के मह्मदापुर गांव में एक गन्ने के खेत में जहरीला रसल वाइपर सांप मिलने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। खेत में काम कर रहे किसानों ने सांप को देखा और तत्काल गांव में इसकी सूचना दी। रसल वाइपर को भारत के सबसे खतरनाक विषैले सांपों में से एक माना जाता है। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग के वन्य जीव रक्षक रामबचन साहनी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी और खेत के आसपास लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई। इसके बाद सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। वन्य जीव रक्षक साहनी ने विशेष उपकरणों का उपयोग कर कुछ ही देर में रसल वाइपर को सुरक्षित रूप से पकड़ लिया। रेस्क्यू के दौरान सांप ने आक्रामक व्यवहार भी दिखाया, लेकिन अनुभवी टीम ने उसे बिना किसी नुकसान के काबू कर लिया। सांप को एक बोरे में सुरक्षित बंद कर जंगल क्षेत्र में छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई। वन विभाग के अनुसार, रसल वाइपर आमतौर पर गन्ने के खेतों, झाड़ियों और नमी वाले स्थानों पर पाए जाते हैं। भोजन और सुरक्षित आश्रय की तलाश में ये सांप अक्सर बरसात या सर्दी के मौसम में आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ जाते हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि सांप दिखाई देने पर घबराएं नहीं और उसे मारने का प्रयास न करें। इसके बजाय, तुरंत वन विभाग या वन्य जीव रक्षक को सूचित करें। समय पर मिली सूचना और वन विभाग की तत्परता से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया, जिससे ग्रामीणों ने राहत महसूस की।
महराजगंज में गन्ने के खेत से मिला रसल वाइपर: ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग ने सुरक्षित रेस्क्यू किया – Nichlaul News
महराजगंज जिले के मह्मदापुर गांव में एक गन्ने के खेत में जहरीला रसल वाइपर सांप मिलने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। खेत में काम कर रहे किसानों ने सांप को देखा और तत्काल गांव में इसकी सूचना दी। रसल वाइपर को भारत के सबसे खतरनाक विषैले सांपों में से एक माना जाता है। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग के वन्य जीव रक्षक रामबचन साहनी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी और खेत के आसपास लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई। इसके बाद सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। वन्य जीव रक्षक साहनी ने विशेष उपकरणों का उपयोग कर कुछ ही देर में रसल वाइपर को सुरक्षित रूप से पकड़ लिया। रेस्क्यू के दौरान सांप ने आक्रामक व्यवहार भी दिखाया, लेकिन अनुभवी टीम ने उसे बिना किसी नुकसान के काबू कर लिया। सांप को एक बोरे में सुरक्षित बंद कर जंगल क्षेत्र में छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई। वन विभाग के अनुसार, रसल वाइपर आमतौर पर गन्ने के खेतों, झाड़ियों और नमी वाले स्थानों पर पाए जाते हैं। भोजन और सुरक्षित आश्रय की तलाश में ये सांप अक्सर बरसात या सर्दी के मौसम में आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ जाते हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि सांप दिखाई देने पर घबराएं नहीं और उसे मारने का प्रयास न करें। इसके बजाय, तुरंत वन विभाग या वन्य जीव रक्षक को सूचित करें। समय पर मिली सूचना और वन विभाग की तत्परता से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया, जिससे ग्रामीणों ने राहत महसूस की।






































