नंदमहरा आरक्षित वन क्षेत्र में यूकेलिप्टस की अवैध कटान:बलरामपुर पुलिस एक तस्कर को पकड़ा, पिकअप व लकड़ी जब्त

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बलरामपुर के नंदमहरा आरक्षित वन क्षेत्र में यूकेलिप्टस के पेड़ों की अवैध कटान और तस्करी का वन विभाग व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में खुलासा हुआ है। कार्रवाई के दौरान एक तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके अन्य साथी अंधेरे और कोहरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। वन विभाग को जंगल गश्त के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग नंदमहरा जंगल से चोरी-छिपे यूकेलिप्टस के पेड़ काटकर साइकिल के माध्यम से लकड़ी ढो रहे हैं और उसे पिकअप वाहन से बाहर ले जाकर बेचने की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही वन विभाग ने पुलिस चौकी नंदमहरा प्रभारी उमेश कुमार को अवगत कराया। जंगल के पास तस्कर की घेराबंदी इसके बाद वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने नंदमहरा बीट के जंगल से सटे पिपरहवा मार्ग पर एक मंदिर के पास घेराबंदी की। इसी दौरान क्रेशर (गन्ना) के पास कुछ लोग साइकिल से पिकअप वाहन पर लकड़ी लादते हुए दिखाई दिए। पुलिस की मोटरसाइकिल की रोशनी पड़ते ही आरोपी भागने लगे। टीम ने पीछा कर एक आरोपी को पकड़ लिया, जबकि अन्य फरार हो गए। पकड़े गए आरोपी ने पूछताछ में अपनी पहचान जाकिर अली पुत्र बदलू, निवासी नंदमहरा, थाना तुलसीपुर, जिला बलरामपुर के रूप में बताई। उसने अपने फरार सहयोगी का नाम सद्दाम पुत्र बदलू बताया। अभियुक्त ने स्वीकार किया कि यूकेलिप्टस की लकड़ी नंदमहरा आरक्षित वन क्षेत्र से अवैध रूप से काटी गई थी। मौके से पिकअप वाहन संख्या UP47A 4365 पर लदे यूकेलिप्टस के दो बोटे (माप 1.05×1.65 मीटर एवं 1.05×1.60 मीटर) बरामद किए गए। इसके अलावा अभियुक्त की निशानदेही पर नंदमहरा बीट के आरक्षित वन क्षेत्र में एक अवैध रूप से कटा हुआ यूकेलिप्टस का पेड़ भी पाया गया, जिसकी गोलाई लगभग 1.75 मीटर थी। मौके की जीपीएस लोकेशन N27.4128, E82.2233 दर्ज की गई। गिरफ्तार अभियुक्त को विधिक कार्रवाई के लिए थाना तुलसीपुर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। जब्त की गई पिकअप गाड़ी और लकड़ी को वन विभाग की अभिरक्षा में लेकर बरहवा रेंज परिसर गिरगिटही में सुरक्षित रखा गया है। इस प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26, 41, 42, 52, वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 27, 29, 31, 51 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) और 317(2) के अंतर्गत गंभीर अपराध पंजीकृत किया गया है।
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