बस्ती के बनकटी ब्लॉक सभागार में ‘नो-मैपिंग’ मतदाताओं को जारी नोटिसों की सुनवाई की गई। यह बैठक सदर तहसीलदार विनय प्रभाकर के निर्देशानुसार भारत निर्वाचन आयोग के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के तहत आयोजित की गई थी। सुनवाई के दौरान, संबंधित मतदाताओं ने अपने दावे के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत किए। ये साक्ष्य भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 13 प्रपत्रों के आधार पर थे। अधिकारियों ने बताया कि प्राप्त अभिलेखों और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद प्रत्येक प्रकरण में निर्णय लिया जाएगा। जहाँ साक्ष्य सही और संतोषजनक पाए जाएंगे, वहाँ संबंधित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में यथावत बने रहेंगे। पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए गए हैं।






































