ग्रामीणों के विरोध पर लौटी रास्ता बंद करने पहुंची जेसीबी:बलरामपुर में 100 गांवों के 25 हजार लोगों का मुख्य मार्ग बंद करने का प्रयास

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बलरामपुर में रेलवे प्रशासन ने तुलसीपुर मार्ग से मदारा, महादेव, सोमगरा और गैंजहवा सहित लगभग 100 गांवों को जोड़ने वाले मुख्य रास्ते को बंद करने का प्रयास किया। इस मार्ग से करीब 25 हजार से अधिक लोगों का आवागमन होता है। रेलवे पुल के नीचे से आवागमन रोकने की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों के कड़े विरोध के कारण रेलवे प्रशासन को जेसीबी मशीन के साथ वापस लौटना पड़ा। भाजपा नेता अजय सिंह पिकू ने बताया कि यह रेलवे पुल के नीचे से गुजरने वाला रास्ता 100 से अधिक गांवों के लोगों के लिए आवागमन का एकमात्र साधन है। ग्रामीण वर्षों से इसी मार्ग का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे प्रशासन ग्रामीणों की सुविधा के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था करने के बजाय रास्ता बंद करना चाहता है। पिकू ने कहा कि रेलवे अधिकारी नदी में बालू और मिट्टी खनन करने वालों के लिए रास्ता बंद करने की बात कह रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि खनन माफिया पर कार्रवाई करने के बजाय ग्रामीणों का रास्ता बंद करना कितना उचित है। ग्राम मदारा निवासी कप्तान सिंह ने बताया कि जेसीबी चालक ने खुदाई रोकने पर पीडब्ल्यूआई का नंबर देते हुए बताया कि उसे रेलवे प्रशासन ने रास्ता बंद करने के लिए भेजा था। इस घटना की सूचना सदर विधायक पल्टूराम को दी गई, जिन्होंने तुरंत तहसीलदार को मौके पर भेजा। तहसीलदार ने ग्रामीणों से बातचीत की और समस्या के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया। इस दौरान मौके पर शिव प्रताप सिंह, चरनजीत तिवारी, विशाल गिरी, कुशाग्र सिंह, ग्राम प्रधान मुख्तार, बलदेव सिंह, गैंजहवा प्रधान उग्रसेन सिंह सहित कई ग्रामीण और स्थानीय नेता उपस्थित रहे।
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