बहराइच की महसी तहसील में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आलोक प्रसाद के खिलाफ अधिवक्ताओं का आंदोलन तेज हो गया है। बुधवार को अधिवक्ता तहसील परिसर से निकलकर सड़कों पर उतर आए और जमकर नारेबाजी की। वे पिछले दो महीनों से न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर रहे हैं। तहसील अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष भारत प्रसाद मिश्रा ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आलोक प्रसाद पर अमर्यादित व्यवहार और कार्यशैली का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आलोक प्रसाद अपनी जाति को छोड़कर सबके प्रति नकारात्मक सोच रखते हैं। संघ ने मुख्यमंत्री, गृह सचिव और जनप्रतिनिधियों को भी इस संबंध में पत्र भेजा है। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि आलोक प्रसाद को जिले या मंडल में कहीं भी नियुक्ति न दी जाए। यह आंदोलन शासन-प्रशासन द्वारा बार-बार पत्र भेजने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने के कारण शुरू हुआ है। हाल ही में आलोक प्रसाद का ब्राह्मण होमगार्डों के साथ हुआ विवाद भी चर्चा में रहा था। अधिवक्ताओं का आरोप है कि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के व्यवहार से तहसील का गरिमापूर्ण वातावरण प्रभावित हो रहा है। बुधवार को हुई बैठक में अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। इस गतिरोध के कारण तहसील में सैकड़ों वाद लंबित हैं, जिससे फरियादियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में एसडीएम आलोक प्रसाद ने बताया कि 19 जनवरी को उनके द्वारा अधिवक्ताओं को वार्ता के लिए बुलाया गया था, लेकिन वे नहीं आए।
बहराइच में जॉइंट मजिस्ट्रेट के खिलाफ वकीलों का प्रदर्शन: अभद्र व्यवहार के आरोप में तबादले की मांग, न्यायिक कार्य बहिष्कार जारी – Mahsi News
बहराइच की महसी तहसील में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आलोक प्रसाद के खिलाफ अधिवक्ताओं का आंदोलन तेज हो गया है। बुधवार को अधिवक्ता तहसील परिसर से निकलकर सड़कों पर उतर आए और जमकर नारेबाजी की। वे पिछले दो महीनों से न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर रहे हैं। तहसील अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष भारत प्रसाद मिश्रा ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आलोक प्रसाद पर अमर्यादित व्यवहार और कार्यशैली का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आलोक प्रसाद अपनी जाति को छोड़कर सबके प्रति नकारात्मक सोच रखते हैं। संघ ने मुख्यमंत्री, गृह सचिव और जनप्रतिनिधियों को भी इस संबंध में पत्र भेजा है। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि आलोक प्रसाद को जिले या मंडल में कहीं भी नियुक्ति न दी जाए। यह आंदोलन शासन-प्रशासन द्वारा बार-बार पत्र भेजने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने के कारण शुरू हुआ है। हाल ही में आलोक प्रसाद का ब्राह्मण होमगार्डों के साथ हुआ विवाद भी चर्चा में रहा था। अधिवक्ताओं का आरोप है कि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के व्यवहार से तहसील का गरिमापूर्ण वातावरण प्रभावित हो रहा है। बुधवार को हुई बैठक में अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। इस गतिरोध के कारण तहसील में सैकड़ों वाद लंबित हैं, जिससे फरियादियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में एसडीएम आलोक प्रसाद ने बताया कि 19 जनवरी को उनके द्वारा अधिवक्ताओं को वार्ता के लिए बुलाया गया था, लेकिन वे नहीं आए।






































