जनपद बहराइच के विकास क्षेत्र पयागपुर के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) अजय प्रताप सिंह ने गौशालाओं में बीमार और घायल गौवंशों की सुरक्षा के लिए एक पहल की है। उन्होंने गौशालाओं को अपने निजी खर्च पर मजबूत लोहे के जाल उपलब्ध कराए। बीडीओ ने बताया कि गौशालाओं के निरीक्षण के दौरान उन्होंने देखा कि बीमार और घायल गौवंश कौवों तथा अन्य बड़े गौवंशों के हमलों से प्रभावित हो रहे थे। उन्होंने महसूस किया कि ऐसी स्थिति में उचित उपचार के बावजूद इन पशुओं की जान को खतरा बना रहता है। इस समस्या के समाधान के लिए, बीडीओ अजय प्रताप सिंह ने अपने निजी खर्च से लोहे के जाल बनवाए। इन जालों का उद्देश्य बीमार या घायल गौवंशों को सुरक्षित रखना और उनके उपचार को सुनिश्चित करना है। बुधवार को विकास क्षेत्र की कुल 19 गौशालाओं में से 15 को ये जाल उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि शेष चार गौशालाओं के लिए भी जल्द ही व्यवस्था की जाएगी। इस पहल से गौवंशों की सुरक्षा सुनिश्चित होने के साथ-साथ गौशालाओं में कार्यरत कर्मचारियों को भी उपचार और देखभाल में सुविधा मिलेगी। स्थानीय निवासियों ने इस कदम की सराहना की है। बीडीओ के इस कदम को क्षेत्र में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और गौसेवकों ने कहा कि इस तरह की पहल से जमीनी समस्याओं का समाधान होता है और व्यवस्था में सुधार आता है।
बहराइच BDO ने गौशालाओं को दिए लोहे के जाल: बीमार और घायल गौवंशों की सुरक्षा के लिए की निजी पहल – Payagpur News
जनपद बहराइच के विकास क्षेत्र पयागपुर के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) अजय प्रताप सिंह ने गौशालाओं में बीमार और घायल गौवंशों की सुरक्षा के लिए एक पहल की है। उन्होंने गौशालाओं को अपने निजी खर्च पर मजबूत लोहे के जाल उपलब्ध कराए। बीडीओ ने बताया कि गौशालाओं के निरीक्षण के दौरान उन्होंने देखा कि बीमार और घायल गौवंश कौवों तथा अन्य बड़े गौवंशों के हमलों से प्रभावित हो रहे थे। उन्होंने महसूस किया कि ऐसी स्थिति में उचित उपचार के बावजूद इन पशुओं की जान को खतरा बना रहता है। इस समस्या के समाधान के लिए, बीडीओ अजय प्रताप सिंह ने अपने निजी खर्च से लोहे के जाल बनवाए। इन जालों का उद्देश्य बीमार या घायल गौवंशों को सुरक्षित रखना और उनके उपचार को सुनिश्चित करना है। बुधवार को विकास क्षेत्र की कुल 19 गौशालाओं में से 15 को ये जाल उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि शेष चार गौशालाओं के लिए भी जल्द ही व्यवस्था की जाएगी। इस पहल से गौवंशों की सुरक्षा सुनिश्चित होने के साथ-साथ गौशालाओं में कार्यरत कर्मचारियों को भी उपचार और देखभाल में सुविधा मिलेगी। स्थानीय निवासियों ने इस कदम की सराहना की है। बीडीओ के इस कदम को क्षेत्र में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और गौसेवकों ने कहा कि इस तरह की पहल से जमीनी समस्याओं का समाधान होता है और व्यवस्था में सुधार आता है।





































