बलरामपुर में कांग्रेस पार्टी ने “मनरेगा बचाओ संग्राम” कार्यक्रम के तहत विकासखंड श्रीदत्तगंज आज दिनांक 21 जनवरी दिन बुधवार शाम 5:00 बजे चौपालों का आयोजन किया। ग्राम पंचायत सांझावल, प्रेमनगर, त्रिगुणायकपुर और गौर खास में मनरेगा श्रमिकों तथा ग्रामीणों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। चौपाल के दौरान, ग्रामीणों और श्रमिकों ने मनरेगा योजना में कार्य की उपलब्धता की कमी, मजदूरी भुगतान में देरी, जॉब कार्ड से संबंधित समस्याओं और योजना के क्रियान्वयन में अनियमितताओं जैसे मुद्दे उठाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भुगतान और पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर एआईसीसी सदस्य और पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजबहादुर यादव ने कहा कि मनरेगा गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक रीढ़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण यह योजना कमजोर हो रही है। यादव ने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा को बचाने और मजदूरों को उनका अधिकार दिलाने के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवलाल कोरी ने कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों की रोजी-रोटी की गारंटी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार मनरेगा को समाप्त या कमजोर करने का प्रयास करती है, तो कांग्रेस पार्टी गांव-गांव जाकर इसका विरोध करेगी। कोरी ने बताया कि “मनरेगा बचाओ संग्राम” के माध्यम से श्रमिकों को जागरूक कर उनके हक की लड़ाई लड़ी जा रही है। कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता मारकंडे मिश्र, बृजेश चौहान, पूर्व प्रधान राम तीरथ यादव, मोहम्मद सलीम, अमरेश कुमार, शिवम, इकबाल, बेचन, तौफीक अली, जगदीश यादव, मायाराम चौहान और शाहिद सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित थे। चौपाल के अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने मनरेगा योजना को बचाने, मजबूत करने और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
श्रीदत्तगंज में कांग्रेस का मनरेगा बचाओ संग्राम:चौपाल लगाकर श्रमिकों को अधिकारों के प्रति किया जागरूक
बलरामपुर में कांग्रेस पार्टी ने “मनरेगा बचाओ संग्राम” कार्यक्रम के तहत विकासखंड श्रीदत्तगंज आज दिनांक 21 जनवरी दिन बुधवार शाम 5:00 बजे चौपालों का आयोजन किया। ग्राम पंचायत सांझावल, प्रेमनगर, त्रिगुणायकपुर और गौर खास में मनरेगा श्रमिकों तथा ग्रामीणों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। चौपाल के दौरान, ग्रामीणों और श्रमिकों ने मनरेगा योजना में कार्य की उपलब्धता की कमी, मजदूरी भुगतान में देरी, जॉब कार्ड से संबंधित समस्याओं और योजना के क्रियान्वयन में अनियमितताओं जैसे मुद्दे उठाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भुगतान और पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर एआईसीसी सदस्य और पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजबहादुर यादव ने कहा कि मनरेगा गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक रीढ़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण यह योजना कमजोर हो रही है। यादव ने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा को बचाने और मजदूरों को उनका अधिकार दिलाने के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवलाल कोरी ने कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों की रोजी-रोटी की गारंटी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार मनरेगा को समाप्त या कमजोर करने का प्रयास करती है, तो कांग्रेस पार्टी गांव-गांव जाकर इसका विरोध करेगी। कोरी ने बताया कि “मनरेगा बचाओ संग्राम” के माध्यम से श्रमिकों को जागरूक कर उनके हक की लड़ाई लड़ी जा रही है। कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता मारकंडे मिश्र, बृजेश चौहान, पूर्व प्रधान राम तीरथ यादव, मोहम्मद सलीम, अमरेश कुमार, शिवम, इकबाल, बेचन, तौफीक अली, जगदीश यादव, मायाराम चौहान और शाहिद सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित थे। चौपाल के अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने मनरेगा योजना को बचाने, मजबूत करने और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।






































