बस्ती में सरदार सेना के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी बृजेश पटेल को शुक्रवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। उन पर भाजपा के पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने का आरोप है, जिसके संबंध में कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। बृजेश पटेल की गिरफ्तारी के बाद जिले की राजनीति गरमा गई और विभिन्न संगठनों के नेता व कार्यकर्ता कोतवाली के बाहर जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने बृजेश पटेल की रिहाई तक कोतवाली से न हटने की बात कही। इसी बीच, भाजपा नेता और जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी कोतवाली पहुंचे। उन्होंने बृजेश पटेल को रिहा करवाया। इस घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर संजय चौधरी के खिलाफ प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं। चूंकि चौधरी बृजेश पटेल और संजय चौधरी दोनों कुर्मी समुदाय से हैं, इसलिए इस मामले में जातिगत राजनीति की भी चर्चा होने लगी। इस पूरे प्रकरण पर जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी ने दैनिक भास्कर से बात की। उन्होंने कहा कि चौधरी बृजेश पटेल की गिरफ्तारी समाजवादी पार्टी बस्ती की एक चाल है, जिसका उद्देश्य कुर्मी समाज को भाजपा से अलग करना है। चौधरी ने आगे कहा कि यह एक सुनियोजित षडयंत्र है। उनके अनुसार, बृजेश पटेल की गिरफ्तारी और टिप्पणी के बारे में पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी को कोई जानकारी नहीं थी। द्विवेदी अपने कार्यक्रमों में व्यस्त हैं, जिसमें प्रधानमंत्री के असम दौरे का कार्यक्रम भी शामिल है। संजय चौधरी ने जोर देकर कहा कि समाजवादी पार्टी की यह सोच और षडयंत्र सफल नहीं होगा।









































