सिद्धार्थनगर में नगर पंचायत अध्यक्ष के घर में ताला तोड़कर चोरों ने लाखों के जेवरात और नकदी लेकर फरार हो गए। चोरों की पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई है। खास बात यह रही कि चोर सीसीटीवी का डीवीआर ले जाने की योजना बनाकर आए थे। लेकिन जल्दबाजी और अंधेरे में वे डीवीआर की जगह इंटरनेट राउटर उठा ले गए। इसी गलती के चलते चोरी की पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। जो अब पुलिस के लिए अहम सबूत बन गई है। घटना डुमरियागंज थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या–15, गांधी नगर की है। नगर पंचायत डुमरियागंज की अध्यक्ष शाजिया अतीक अपने पति अतीकुर्रहमान के साथ इलाज के सिलसिले में लखनऊ गई हुई थीं। घर कई दिनों से बंद था। इसी का फायदा उठाकर चोरों ने शनिवार देर रात वारदात को अंजाम दिया। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, चोरों ने सबसे पहले मुख्य गेट का ताला तोड़ा और घर के अंदर दाखिल हुए। इसके बाद वे बेखौफ होकर घर के भीतर घूमते नजर आए। चोरों ने एक-एक कर तीन कमरों के ताले तोड़े और फिर चार अलमारियों के लॉक तोड़कर उन्हें खंगाल डाला। अलमारियों में रखी करीब 2 लाख 50 हजार रुपए नकद और लगभग 13 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवरात चोर समेट ले गए। चोरों को आशंका थी कि सीसीटीवी में उनकी पहचान कैद हो सकती है। इसी वजह से वे डीवीआर अपने साथ ले जाने की तैयारी में आए थे। हालांकि, अंधेरे और जल्दबाजी में वे डीवीआर की जगह इंटरनेट राउटर उठा ले गए। राउटर हटते ही इंटरनेट कनेक्शन बाधित हो गया। लेकिन डीवीआर सुरक्षित रहा और पूरी वारदात रिकॉर्ड होती रही। सुबह जब पड़ोसियों ने घर का मुख्य गेट और कमरों के ताले टूटे देखे, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची डुमरियागंज पुलिस ने जांच शुरू की। कुछ देर बाद फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और घर के अंदर व बाहर से साक्ष्य जुटाए। फिंगरप्रिंट, फुटप्रिंट और अन्य तकनीकी सबूतों के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज की भी गहन जांच की जा रही है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस रात्रि गश्त के दावे तो करती है, लेकिन नगर पंचायत अध्यक्ष के घर इतनी बड़ी चोरी हो जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। लोगों का कहना है कि जब जनप्रतिनिधि का घर सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करें। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में चोरों की गतिविधियां स्पष्ट दिखाई दे रही हैं। फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की कोशिश की जा रही है। आसपास लगे अन्य कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है, ताकि चोरों के आने-जाने के रास्ते का पता लगाया जा सके। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस चोरी का खुलासा किया जाएगा।
सिद्धार्थनगर में नप अध्यक्ष के घर 15 लाख की चोरी:डीवीआर की जगह इंटरनेट राउटर उठा ले गए चोर, घटना सीसीटीवी में कैद
सिद्धार्थनगर में नगर पंचायत अध्यक्ष के घर में ताला तोड़कर चोरों ने लाखों के जेवरात और नकदी लेकर फरार हो गए। चोरों की पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई है। खास बात यह रही कि चोर सीसीटीवी का डीवीआर ले जाने की योजना बनाकर आए थे। लेकिन जल्दबाजी और अंधेरे में वे डीवीआर की जगह इंटरनेट राउटर उठा ले गए। इसी गलती के चलते चोरी की पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। जो अब पुलिस के लिए अहम सबूत बन गई है। घटना डुमरियागंज थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या–15, गांधी नगर की है। नगर पंचायत डुमरियागंज की अध्यक्ष शाजिया अतीक अपने पति अतीकुर्रहमान के साथ इलाज के सिलसिले में लखनऊ गई हुई थीं। घर कई दिनों से बंद था। इसी का फायदा उठाकर चोरों ने शनिवार देर रात वारदात को अंजाम दिया। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, चोरों ने सबसे पहले मुख्य गेट का ताला तोड़ा और घर के अंदर दाखिल हुए। इसके बाद वे बेखौफ होकर घर के भीतर घूमते नजर आए। चोरों ने एक-एक कर तीन कमरों के ताले तोड़े और फिर चार अलमारियों के लॉक तोड़कर उन्हें खंगाल डाला। अलमारियों में रखी करीब 2 लाख 50 हजार रुपए नकद और लगभग 13 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवरात चोर समेट ले गए। चोरों को आशंका थी कि सीसीटीवी में उनकी पहचान कैद हो सकती है। इसी वजह से वे डीवीआर अपने साथ ले जाने की तैयारी में आए थे। हालांकि, अंधेरे और जल्दबाजी में वे डीवीआर की जगह इंटरनेट राउटर उठा ले गए। राउटर हटते ही इंटरनेट कनेक्शन बाधित हो गया। लेकिन डीवीआर सुरक्षित रहा और पूरी वारदात रिकॉर्ड होती रही। सुबह जब पड़ोसियों ने घर का मुख्य गेट और कमरों के ताले टूटे देखे, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची डुमरियागंज पुलिस ने जांच शुरू की। कुछ देर बाद फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और घर के अंदर व बाहर से साक्ष्य जुटाए। फिंगरप्रिंट, फुटप्रिंट और अन्य तकनीकी सबूतों के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज की भी गहन जांच की जा रही है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस रात्रि गश्त के दावे तो करती है, लेकिन नगर पंचायत अध्यक्ष के घर इतनी बड़ी चोरी हो जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। लोगों का कहना है कि जब जनप्रतिनिधि का घर सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करें। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में चोरों की गतिविधियां स्पष्ट दिखाई दे रही हैं। फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की कोशिश की जा रही है। आसपास लगे अन्य कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है, ताकि चोरों के आने-जाने के रास्ते का पता लगाया जा सके। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस चोरी का खुलासा किया जाएगा।





































