हरैया सतघरवा: तराई क्षेत्र में यूरिया खाद की किल्लत के चलते सिंहपुर स्थित साधन सहकारी समिति पर अव्यवस्था का माहौल है। रविवार को खाद लेने के लिए कतार में खड़ी रामदयालडीह गांव निवासी 54 वर्षीय सीतापति ठंड और कमजोरी के कारण बेहोश होकर गिर पड़ीं। उन्हें तत्काल एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। रबी फसलों के लिए यूरिया की बढ़ती मांग के कारण समिति पर भोर से ही किसानों की लंबी कतारें लग जाती हैं। घंटों इंतजार के बाद भी खाद न मिलने से किसानों में नाराजगी है। इस घटना के बाद समिति परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। किसानों शिवदास, कृष्ण कुमार, छेदीराम, रामसहाय, अमरेश, महेश, राजू, नरेन्द्र और मनोज ने आरोप लगाया है कि समिति पर यूरिया खाद निर्धारित मूल्य 266 रुपये 50 पैसे प्रति बोरी के बजाय 290 से 300 रुपये प्रति बोरी तक बेची जा रही है। उनका कहना है कि निजी दुकानों पर यह 350 रुपये तक में मिल रही है, जिससे वे अधिक कीमत चुकाने को मजबूर हैं। किसानों ने यह भी बताया कि समिति परिसर में भारी भीड़ के बावजूद बैठने, ठंड से बचाव और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर किसानों को लंबी कतारों में खड़े रहने से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम हो रहा है। किसानों का आरोप है कि ब्लॉक स्तर के विभागीय अधिकारी जांच के लिए समिति पर नहीं आते, जिससे अनियमितताओं को बढ़ावा मिल रहा है। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी उपेंद्र नाथ खरवार ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार संबंधित सचिव पर कार्रवाई की जाएगी।
यूरिया खाद लेने गई महिला बेहोश:ठंड और कमजोरी से बेहोश हुई, निजी क्लीनिक में भर्ती
हरैया सतघरवा: तराई क्षेत्र में यूरिया खाद की किल्लत के चलते सिंहपुर स्थित साधन सहकारी समिति पर अव्यवस्था का माहौल है। रविवार को खाद लेने के लिए कतार में खड़ी रामदयालडीह गांव निवासी 54 वर्षीय सीतापति ठंड और कमजोरी के कारण बेहोश होकर गिर पड़ीं। उन्हें तत्काल एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। रबी फसलों के लिए यूरिया की बढ़ती मांग के कारण समिति पर भोर से ही किसानों की लंबी कतारें लग जाती हैं। घंटों इंतजार के बाद भी खाद न मिलने से किसानों में नाराजगी है। इस घटना के बाद समिति परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। किसानों शिवदास, कृष्ण कुमार, छेदीराम, रामसहाय, अमरेश, महेश, राजू, नरेन्द्र और मनोज ने आरोप लगाया है कि समिति पर यूरिया खाद निर्धारित मूल्य 266 रुपये 50 पैसे प्रति बोरी के बजाय 290 से 300 रुपये प्रति बोरी तक बेची जा रही है। उनका कहना है कि निजी दुकानों पर यह 350 रुपये तक में मिल रही है, जिससे वे अधिक कीमत चुकाने को मजबूर हैं। किसानों ने यह भी बताया कि समिति परिसर में भारी भीड़ के बावजूद बैठने, ठंड से बचाव और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर किसानों को लंबी कतारों में खड़े रहने से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम हो रहा है। किसानों का आरोप है कि ब्लॉक स्तर के विभागीय अधिकारी जांच के लिए समिति पर नहीं आते, जिससे अनियमितताओं को बढ़ावा मिल रहा है। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी उपेंद्र नाथ खरवार ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार संबंधित सचिव पर कार्रवाई की जाएगी।






































