उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर महिला कल्याण विभाग, महराजगंज द्वारा 21 जनवरी 2026 को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत एक शपथ ग्रहण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम नगर के धनेवा-धनेइ स्थित रामेश्वरम मैरेज हॉल में समूह की महिलाओं के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर हब फॉर इंपावरमेंट ऑफ वूमेन से जेंडर स्पेशलिस्ट संजा देवी, चाइल्ड लाइन से केस वर्कर प्रतिमा, वन स्टॉप सेंटर से केस वर्कर शिखा त्रिपाठी, तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रशिक्षक विकास रौनियार और विवेक कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम में समूह सखी सरोज, शीला, सुनकेशा और संध्या सहित कई महिलाएं शामिल हुईं। जेंडर स्पेशलिस्ट संजा देवी ने उपस्थित प्रतिभागियों को बाल विवाह की कुप्रथा के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की या 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है। संजा देवी ने बताया कि बाल विवाह से बालिकाओं के जीवन और स्वास्थ्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि उनके साथ या उनके आसपास कहीं भी बाल विवाह हो रहा है, तो इसकी सूचना तत्काल 112, 1090 या 181 पर दें। कार्यक्रम के दौरान पम्पलेट और पोस्टर भी वितरित किए गए, जिनमें बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई थी। संजा देवी ने विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे निराश्रित महिला पेंशन, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, महिला हेल्पलाइन नंबर और वन स्टॉप सेंटर के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को “बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान की शपथ दिलाई गई। इसके साथ ही, सभी उपस्थित महिलाओं को ऑनलाइन शपथ प्रमाण पत्र डाउनलोड करने में भी सहायता प्रदान की गई।
महाराजगंज में बाल विवाह मुक्त भारत शपथ कार्यक्रम: महिलाओं को दुष्परिणामों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई – Mithaura(Maharajganj) News
उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर महिला कल्याण विभाग, महराजगंज द्वारा 21 जनवरी 2026 को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत एक शपथ ग्रहण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम नगर के धनेवा-धनेइ स्थित रामेश्वरम मैरेज हॉल में समूह की महिलाओं के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर हब फॉर इंपावरमेंट ऑफ वूमेन से जेंडर स्पेशलिस्ट संजा देवी, चाइल्ड लाइन से केस वर्कर प्रतिमा, वन स्टॉप सेंटर से केस वर्कर शिखा त्रिपाठी, तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रशिक्षक विकास रौनियार और विवेक कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम में समूह सखी सरोज, शीला, सुनकेशा और संध्या सहित कई महिलाएं शामिल हुईं। जेंडर स्पेशलिस्ट संजा देवी ने उपस्थित प्रतिभागियों को बाल विवाह की कुप्रथा के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की या 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है। संजा देवी ने बताया कि बाल विवाह से बालिकाओं के जीवन और स्वास्थ्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि उनके साथ या उनके आसपास कहीं भी बाल विवाह हो रहा है, तो इसकी सूचना तत्काल 112, 1090 या 181 पर दें। कार्यक्रम के दौरान पम्पलेट और पोस्टर भी वितरित किए गए, जिनमें बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई थी। संजा देवी ने विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे निराश्रित महिला पेंशन, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, महिला हेल्पलाइन नंबर और वन स्टॉप सेंटर के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को “बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान की शपथ दिलाई गई। इसके साथ ही, सभी उपस्थित महिलाओं को ऑनलाइन शपथ प्रमाण पत्र डाउनलोड करने में भी सहायता प्रदान की गई।





































