शोहरतगढ़ क्षेत्र में गणतंत्र दिवस से पहले सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से प्रशासन और पुलिस ने गुरुवार शाम सघन जांच अभियान चलाया। ‘ऑपरेशन कवच’ के तहत उपजिलाधिकारी विवेकानंद मिश्र और पुलिस क्षेत्राधिकारी मयंक द्विवेदी ने भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित खुनुवां बॉर्डर का जायजा लिया। इस दौरान सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और शोहरतगढ़ थाना पुलिस के साथ पैदल गश्त की गई। सीमा क्षेत्र में आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों और वस्तुओं की गहन चेकिंग की गई ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। अधिकारियों ने सीमा पर तैनात जवानों को सतर्कता बरतने, नियमित गश्त बढ़ाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना उच्चाधिकारियों को देने के निर्देश दिए। विशेष रूप से सीमा से जुड़े संवेदनशील बिंदुओं पर निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया। उपजिलाधिकारी विवेकानंद मिश्र ने बताया कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर किसी भी प्रकार की चूक स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र की भौगोलिक संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी मयंक द्विवेदी ने जानकारी दी कि एसएसबी के साथ नियमित समन्वय बैठकें कर सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय करना है। इस अभियान के दौरान एसएसबी अधिकारियों से भी वार्ता की गई, जिसमें सीमा सुरक्षा से जुड़े अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई। मौके पर थाना शोहरतगढ़ के थानाध्यक्ष नवीन कुमार सिंह सहित पुलिस बल के अन्य अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे। अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गणतंत्र दिवस तक ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।
शोहरतगढ़ में ऑपरेशन कवच:खुनुवां बॉर्डर पर बढ़ी निगरानी, गणतंत्र दिवस से पहले सुरक्षा का सीओ ने जायजा लिया
शोहरतगढ़ क्षेत्र में गणतंत्र दिवस से पहले सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से प्रशासन और पुलिस ने गुरुवार शाम सघन जांच अभियान चलाया। ‘ऑपरेशन कवच’ के तहत उपजिलाधिकारी विवेकानंद मिश्र और पुलिस क्षेत्राधिकारी मयंक द्विवेदी ने भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित खुनुवां बॉर्डर का जायजा लिया। इस दौरान सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और शोहरतगढ़ थाना पुलिस के साथ पैदल गश्त की गई। सीमा क्षेत्र में आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों और वस्तुओं की गहन चेकिंग की गई ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। अधिकारियों ने सीमा पर तैनात जवानों को सतर्कता बरतने, नियमित गश्त बढ़ाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना उच्चाधिकारियों को देने के निर्देश दिए। विशेष रूप से सीमा से जुड़े संवेदनशील बिंदुओं पर निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया। उपजिलाधिकारी विवेकानंद मिश्र ने बताया कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर किसी भी प्रकार की चूक स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र की भौगोलिक संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी मयंक द्विवेदी ने जानकारी दी कि एसएसबी के साथ नियमित समन्वय बैठकें कर सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय करना है। इस अभियान के दौरान एसएसबी अधिकारियों से भी वार्ता की गई, जिसमें सीमा सुरक्षा से जुड़े अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई। मौके पर थाना शोहरतगढ़ के थानाध्यक्ष नवीन कुमार सिंह सहित पुलिस बल के अन्य अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे। अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गणतंत्र दिवस तक ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।





































