सादुल्लानगर के सलेमपुर पट्टी में गुरुवार को मिशन शक्ति के तहत एक जागरूकता चौपाल का आयोजन किया गया। थानाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार वर्मा के नेतृत्व में एंटी रोमियो टीम और मिशन शक्ति टीम ने इस चौपाल का आयोजन किया। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं, बेटियों और बहुओं को दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं को बताया गया कि बाल विवाह एक कानूनी अपराध है और इसके दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त, दहेज प्रतिषेध अधिनियम की विस्तृत जानकारी दी गई, जिसमें दहेज लेने और देने दोनों पर होने वाले दंड के बारे में विस्तार से समझाया गया। चौपाल में सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गई। इनमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बुजुर्ग व्यक्ति पेंशन योजना, विधवा पेंशन योजना और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना शामिल थीं। पात्र लाभार्थियों को इन योजनाओं का फायदा उठाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही, महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए संचालित हेल्पलाइन नंबरों के बारे में भी अवगत कराया गया। इनमें वूमेन पावर लाइन 1090, एंबुलेंस सेवा 108 और आपातकालीन पुलिस सेवा के नंबर शामिल थे।
सलेमपुर पट्टी में मिशन शक्ति चौपाल:महिलाओं को दहेज और बाल विवाह के प्रति किया जागरूक
सादुल्लानगर के सलेमपुर पट्टी में गुरुवार को मिशन शक्ति के तहत एक जागरूकता चौपाल का आयोजन किया गया। थानाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार वर्मा के नेतृत्व में एंटी रोमियो टीम और मिशन शक्ति टीम ने इस चौपाल का आयोजन किया। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं, बेटियों और बहुओं को दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं को बताया गया कि बाल विवाह एक कानूनी अपराध है और इसके दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त, दहेज प्रतिषेध अधिनियम की विस्तृत जानकारी दी गई, जिसमें दहेज लेने और देने दोनों पर होने वाले दंड के बारे में विस्तार से समझाया गया। चौपाल में सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गई। इनमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बुजुर्ग व्यक्ति पेंशन योजना, विधवा पेंशन योजना और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना शामिल थीं। पात्र लाभार्थियों को इन योजनाओं का फायदा उठाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही, महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए संचालित हेल्पलाइन नंबरों के बारे में भी अवगत कराया गया। इनमें वूमेन पावर लाइन 1090, एंबुलेंस सेवा 108 और आपातकालीन पुलिस सेवा के नंबर शामिल थे।










































