बहराइच में अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार की अदालत ने पत्नी की हत्या के मामले में पति जिब्राईल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला घटना के 23 साल बाद आया है। यह मामला नानपारा कोतवाली क्षेत्र का है। दो जून 2003 को हसनबेग नामक ग्रामीण ने नानपारा कोतवाली में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी हसीबुन की शादी परसपुर ग्राम के जिब्राईल पुत्र हैदर खां से चार साल पहले हुई थी। हसनबेग के अनुसार, हसीबुन को ससुराल वाले प्रताड़ित करते थे, जिसकी शिकायत उसने कई बार अपने पिता से की थी। शिकायत के बावजूद, पिता ने उसे समझा-बुझाकर एक सप्ताह पहले जिब्राईल के साथ वापस भेज दिया था। दो जून 2003 को हसनबेग को सूचना मिली कि उनकी बेटी की मौत हो गई है। पुलिस ने हसनबेग की तहरीर पर मामला दर्ज किया और आरोपी पति जिब्राईल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जुलाई 2003 में पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी जिब्राईल को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
पत्नी की हत्या में पति को आजीवन कारावास: बहराइच कोर्ट ने 23 साल बाद सुनाया फैसला, 20 हजार जुर्माना भी – Bahraich News
बहराइच में अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार की अदालत ने पत्नी की हत्या के मामले में पति जिब्राईल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला घटना के 23 साल बाद आया है। यह मामला नानपारा कोतवाली क्षेत्र का है। दो जून 2003 को हसनबेग नामक ग्रामीण ने नानपारा कोतवाली में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी हसीबुन की शादी परसपुर ग्राम के जिब्राईल पुत्र हैदर खां से चार साल पहले हुई थी। हसनबेग के अनुसार, हसीबुन को ससुराल वाले प्रताड़ित करते थे, जिसकी शिकायत उसने कई बार अपने पिता से की थी। शिकायत के बावजूद, पिता ने उसे समझा-बुझाकर एक सप्ताह पहले जिब्राईल के साथ वापस भेज दिया था। दो जून 2003 को हसनबेग को सूचना मिली कि उनकी बेटी की मौत हो गई है। पुलिस ने हसनबेग की तहरीर पर मामला दर्ज किया और आरोपी पति जिब्राईल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जुलाई 2003 में पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी जिब्राईल को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।






































