बलरामपुर में फर्जी FSSAI लाइसेंस मामले में दो आरोपी गिरफ्तार:'हफीज फूड्स' नाम से चल रहा था अवैध मांस कारोबार

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बलरामपुर के उतरौला क्षेत्र में पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे खाद्य सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह ‘हफीज फूड्स’ के नाम से कूटरचित FSSAI लाइसेंस पर अवैध रूप से भैंसे के मांस का कारोबार कर रहा था। इस मामले में पुलिस ने दो और अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य अभियुक्त को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। यह मामला कोतवाली उतरौला थाना क्षेत्र का है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की जांच रिपोर्ट के आधार पर ‘हफीज फूड्स’ के प्रोपराइटर मोहम्मद हफीज के विरुद्ध धोखाधड़ी और फर्जी लाइसेंस के जरिए व्यवसाय चलाने का अभियोग पंजीकृत किया गया था। जांच में पाया गया कि लाइसेंस पूरी तरह से फर्जी और कूटरचित था। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि बेरोजगारी और अधिक मुनाफे के लालच में उन्होंने उतरौला कस्बे में मुस्लिम आबादी का फायदा उठाने की योजना बनाई थी। इसके लिए उन्होंने अपने परिचित मोहम्मद हफीज को विश्वास में लेकर ढाई लाख रुपए में फर्जी FSSAI लाइसेंस बनवाया। इसी लाइसेंस के आधार पर ‘हफीज फूड्स मीट शॉप’ के नाम से भैंसे के मांस का अवैध विक्रय शुरू किया गया और कारोबार से होने वाली कमाई आपस में बांटी जाती थी। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की। टीम ने मो. सैफ पुत्र अब्दुल समीम, निवासी महरानीगंज, थाना कोतवाली नगर, जनपद गोंडा को रेलवे स्टेशन रोड स्थित दुकान से और अशफाक पुत्र चांद मोहम्मद, निवासी महरानीगंज, थाना कोतवाली नगर, जनपद गोंडा को होंडा एजेंसी के सामने से गिरफ्तार किया। इस प्रकरण में नामित मुख्य अभियुक्त मोहम्मद हफीज (लगभग 45 वर्ष) को पुलिस 25 दिसंबर को ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस ने सभी अभियुक्तों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 सहित बीएनएस की गंभीर धाराओं में कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय रवाना कर दिया है। पुलिस का कहना है कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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