बलरामपुर जिला मुख्यालय से लगभग 5 किलोमीटर दूर बेलवा सुल्तान जोत गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। ग्रामीणों ने गांव की बदहाल स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति भी खराब है और तालाबंदी के बाद से उनकी साफ-सफाई नहीं हुई है। नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं और सड़कें जर्जर अवस्था में हैं, जिससे जगह-जगह कीचड़ और कूड़े का ढेर लगा रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि इन समस्याओं को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस संबंध में जब ग्राम प्रधान से बात की गई तो उन्होंने कहा कि संबंधित सड़क पीडब्ल्यूडी विभाग की है, इसलिए उसकी मरम्मत या सफाई उनकी जिम्मेदारी नहीं है। हालांकि, ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर आरोप लगाया कि उनके घर में ही राशन वितरण केंद्र (कोटा) संचालित होता है और राशन काटने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पांच साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है और आगामी चुनाव नजदीक हैं, लेकिन गांव में विकास कार्यों का कोई असर नहीं दिख रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन जनसमस्याओं पर कब ध्यान देता है।
बलरामपुर के बेलवा सुल्तान जोत गांव में बदहाली:ग्रामीण बोले 5 साल से नहीं सुधरे हालात, शिकायतें अनसुनी
बलरामपुर जिला मुख्यालय से लगभग 5 किलोमीटर दूर बेलवा सुल्तान जोत गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। ग्रामीणों ने गांव की बदहाल स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति भी खराब है और तालाबंदी के बाद से उनकी साफ-सफाई नहीं हुई है। नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं और सड़कें जर्जर अवस्था में हैं, जिससे जगह-जगह कीचड़ और कूड़े का ढेर लगा रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि इन समस्याओं को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस संबंध में जब ग्राम प्रधान से बात की गई तो उन्होंने कहा कि संबंधित सड़क पीडब्ल्यूडी विभाग की है, इसलिए उसकी मरम्मत या सफाई उनकी जिम्मेदारी नहीं है। हालांकि, ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर आरोप लगाया कि उनके घर में ही राशन वितरण केंद्र (कोटा) संचालित होता है और राशन काटने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पांच साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है और आगामी चुनाव नजदीक हैं, लेकिन गांव में विकास कार्यों का कोई असर नहीं दिख रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन जनसमस्याओं पर कब ध्यान देता है।






































