बसंत पंचमी और नवरात्रि की पंचमी के शुभ अवसर पर देवीपाटन शक्तिपीठ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मां पाटेश्वरी देवी के दर्शन के लिए सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। दूर-दराज के जिलों और नेपाल सीमा क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे। मंदिर पहुंचे श्रद्धालु परिवार सहित मां पाटेश्वरी के दर्शन कर सुख-समृद्धि और मंगलकामना कर रहे थे। सुभाश्री सदा लू नामक एक भक्त अपने परिवार के साथ दर्शन-पूजन करते हुए दिखे। उन्होंने बताया कि बसंत पंचमी और नवरात्रि की पंचमी का संयोग अत्यंत शुभ माना जाता है, इसलिए वे परिवार की खुशहाली और उन्नति की कामना लेकर देवीपाटन आए हैं। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। मंदिर तक पहुंचने वाले सभी मार्गों पर दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए लंबी कतारें लगाई गईं। पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग कतारें थीं, जबकि बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया था। सीसीटीवी कैमरों से भी लगातार निगरानी रखी जा रही थी। श्रद्धालुओं को असुविधा से बचाने के लिए सफाई व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। मंदिर प्रशासन के अनुसार, बसंत पंचमी और नवरात्रि की पंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक दर्ज की गई। पूरे दिन देवीपाटन धाम भजन-कीर्तन और जयकारों से गूंजता रहा, जो भक्तों की आस्था और इस शक्तिपीठ की धार्मिक महत्ता को दर्शाता है।
देवीपाटन में बसंत पंचमी पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब:नवरात्रि की पंचमी पर मां पाटेश्वरी के दर्शन को पहुंचे हजारों भक्त
बसंत पंचमी और नवरात्रि की पंचमी के शुभ अवसर पर देवीपाटन शक्तिपीठ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मां पाटेश्वरी देवी के दर्शन के लिए सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। दूर-दराज के जिलों और नेपाल सीमा क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे। मंदिर पहुंचे श्रद्धालु परिवार सहित मां पाटेश्वरी के दर्शन कर सुख-समृद्धि और मंगलकामना कर रहे थे। सुभाश्री सदा लू नामक एक भक्त अपने परिवार के साथ दर्शन-पूजन करते हुए दिखे। उन्होंने बताया कि बसंत पंचमी और नवरात्रि की पंचमी का संयोग अत्यंत शुभ माना जाता है, इसलिए वे परिवार की खुशहाली और उन्नति की कामना लेकर देवीपाटन आए हैं। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। मंदिर तक पहुंचने वाले सभी मार्गों पर दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए लंबी कतारें लगाई गईं। पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग कतारें थीं, जबकि बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया था। सीसीटीवी कैमरों से भी लगातार निगरानी रखी जा रही थी। श्रद्धालुओं को असुविधा से बचाने के लिए सफाई व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। मंदिर प्रशासन के अनुसार, बसंत पंचमी और नवरात्रि की पंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक दर्ज की गई। पूरे दिन देवीपाटन धाम भजन-कीर्तन और जयकारों से गूंजता रहा, जो भक्तों की आस्था और इस शक्तिपीठ की धार्मिक महत्ता को दर्शाता है।






































