इटवा के कठेला समय-माता थाना क्षेत्र के बहुती में शुक्रवार को को मिशन शक्ति चौपाल का आयोजन किया गया। इस दौरान महिला सशक्तिकरण, स्वावलंबन, नए आपराधिक कानूनों और साइबर सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। चौपाल में उपस्थित पुरुषों, महिलाओं, बालकों और बालिकाओं को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई और जागरूकता अभियान के पोस्टर भी लगाए गए। “नए आपराधिक कानूनों के और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जागरूकता अभियान 2.0” और मिशन शक्ति फेज 5.0 के तहत “नारी सुरक्षा, नारी सम्मान, नारी स्वावलंबन” का उद्घोष किया गया। बालिकाओं और महिलाओं को उनकी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से संबंधित जानकारी दी गई। सार्वजनिक स्थलों जैसे चौराहों, बाजारों और कोचिंग संस्थानों को असामाजिक तत्वों और मनचलों से मुक्त कराने पर जोर दिया गया। चौपाल में राह चलते छेड़खानी, अभद्रता, अश्लील प्रदर्शन और टिप्पणियों की घटनाओं से बचने के उपाय बताए गए। शासन द्वारा जारी महिला संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने हेतु टोल फ्री हेल्पलाइन नंबरों जैसे 1090 (वुमेन पावर), 112 (पुलिस सहायता), 1076 (मुख्यमंत्री), 1098 (चाइल्ड केयर), 102 (गर्भवती महिलाओं के लिए एम्बुलेंस), 108 (एम्बुलेंस), 101 (अग्निशमन), 1930 (साइबर) और 14567 (एल्डर हेल्पलाइन) के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, शून्य एफआईआर (Zero FIR) की अवधारणा, ई-एफआईआर (E-FIR), समयबद्ध न्याय, महिला एवं बाल संरक्षण से संबंधित प्रावधानों, नए अपराधों, प्रौद्योगिकी एवं फोरेंसिक विज्ञान के उपयोग से जुड़े प्रावधानों तथा पीड़ित-केंद्रित प्रावधानों पर भी विस्तृत रूप से प्रकाश डाला गया। उपस्थित लोगों को हेल्पलाइन और सरकारी योजनाओं से संबंधित पैम्फलेट भी वितरित किए गए।
बहुतीमें मिशन शक्ति चौपाल:महिलाओं को नए कानूनों और साइबर सुरक्षा पर किया जागरूक
इटवा के कठेला समय-माता थाना क्षेत्र के बहुती में शुक्रवार को को मिशन शक्ति चौपाल का आयोजन किया गया। इस दौरान महिला सशक्तिकरण, स्वावलंबन, नए आपराधिक कानूनों और साइबर सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। चौपाल में उपस्थित पुरुषों, महिलाओं, बालकों और बालिकाओं को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई और जागरूकता अभियान के पोस्टर भी लगाए गए। “नए आपराधिक कानूनों के और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जागरूकता अभियान 2.0” और मिशन शक्ति फेज 5.0 के तहत “नारी सुरक्षा, नारी सम्मान, नारी स्वावलंबन” का उद्घोष किया गया। बालिकाओं और महिलाओं को उनकी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से संबंधित जानकारी दी गई। सार्वजनिक स्थलों जैसे चौराहों, बाजारों और कोचिंग संस्थानों को असामाजिक तत्वों और मनचलों से मुक्त कराने पर जोर दिया गया। चौपाल में राह चलते छेड़खानी, अभद्रता, अश्लील प्रदर्शन और टिप्पणियों की घटनाओं से बचने के उपाय बताए गए। शासन द्वारा जारी महिला संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने हेतु टोल फ्री हेल्पलाइन नंबरों जैसे 1090 (वुमेन पावर), 112 (पुलिस सहायता), 1076 (मुख्यमंत्री), 1098 (चाइल्ड केयर), 102 (गर्भवती महिलाओं के लिए एम्बुलेंस), 108 (एम्बुलेंस), 101 (अग्निशमन), 1930 (साइबर) और 14567 (एल्डर हेल्पलाइन) के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, शून्य एफआईआर (Zero FIR) की अवधारणा, ई-एफआईआर (E-FIR), समयबद्ध न्याय, महिला एवं बाल संरक्षण से संबंधित प्रावधानों, नए अपराधों, प्रौद्योगिकी एवं फोरेंसिक विज्ञान के उपयोग से जुड़े प्रावधानों तथा पीड़ित-केंद्रित प्रावधानों पर भी विस्तृत रूप से प्रकाश डाला गया। उपस्थित लोगों को हेल्पलाइन और सरकारी योजनाओं से संबंधित पैम्फलेट भी वितरित किए गए।





































