विशेश्वरगंज कंछर। शुक्रवार को भवानी प्रसाद मिश्र जटाशंकर महाविद्यालय में बसंत पंचमी के अवसर पर बसंत महोत्सव एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के उप-प्राचार्य राजकुमार शुक्ल की देखरेख में संपन्न हुआ, जिसमें विधायक पयागपुर सुभाष त्रिपाठी मुख्य अतिथि रहे। मुख्य अतिथि विधायक सुभाष त्रिपाठी ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कवि सम्मेलन भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक सोच, सामाजिक समरसता और राष्ट्रप्रेम का संचार करते हैं। उन्होंने युवा पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया और महाविद्यालय परिवार को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर पीले परिधानों, सरस्वती वंदना और बसंती सजावट से सुसज्जित था, जो आस्था, कला और संस्कृति का संगम प्रतीत हो रहा था। चारों ओर बसंत की मादकता और साहित्य की सुगंध व्याप्त थी। कवि सम्मेलन में प्रस्तुत रचनाओं ने देशभक्ति, सामाजिक सरोकार, प्रेम, हास्य-व्यंग्य और ओज के विविध रंग बिखेरे। प्रत्येक सारगर्भित पंक्ति पर श्रोताओं ने तालियों से कवियों का उत्साहवर्धन किया। कवियों की ओजस्वी वाणी, भावपूर्ण प्रस्तुति और सशक्त विचारों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी रचनाओं ने पूरे वातावरण को आनंद, उत्साह और साहित्यिक चेतना से भर दिया। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि राकेश पांडेय, रवि मोहन शुक्ल, पवन पांडेय, कृष्ण मोहन शुक्ल, आनंद विहारी शुक्ल, आनंद पांडेय, मोहन चंद्र पांडेय सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। उनकी सहभागिता से यह आयोजन ऐतिहासिक और स्मरणीय बन गया। कवि सम्मेलन में विवेक सिंह ‘दीपक’, डॉ. नीलम सिंह चौहान, हिमांशु कुमार ‘अमर’ सिंह, कवयित्री अल्पना अवस्थी, त्रिलोकी सिंह ‘रवि’ चौहान, संजीव तिवारी ‘सरस’, देवेश राज सिंह ‘राघव’, नंदिनी देवी गौतम, सुरेन्द्र मिश्रा ‘सूर्य’ गौतम, डॉ. महेन्द्र कुमार अवस्थी, प्रेम प्रकाश शुक्ल ‘मधुर’, अमन सिंह ‘विशाल’ अवस्थी, राजकुमार दुबे ‘प्रणय’ और शैलेन्द्र कुमार अवस्थी ने अपनी प्रभावशाली रचनाओं से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
बहराइच के महाविद्यालय में बसंत महोत्सव पर कवि सम्मेलन: विधायक ने दीप प्रज्वलन कर किया शुभारंभ – Kanchhar(Payagpur) News
विशेश्वरगंज कंछर। शुक्रवार को भवानी प्रसाद मिश्र जटाशंकर महाविद्यालय में बसंत पंचमी के अवसर पर बसंत महोत्सव एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के उप-प्राचार्य राजकुमार शुक्ल की देखरेख में संपन्न हुआ, जिसमें विधायक पयागपुर सुभाष त्रिपाठी मुख्य अतिथि रहे। मुख्य अतिथि विधायक सुभाष त्रिपाठी ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कवि सम्मेलन भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक सोच, सामाजिक समरसता और राष्ट्रप्रेम का संचार करते हैं। उन्होंने युवा पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया और महाविद्यालय परिवार को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर पीले परिधानों, सरस्वती वंदना और बसंती सजावट से सुसज्जित था, जो आस्था, कला और संस्कृति का संगम प्रतीत हो रहा था। चारों ओर बसंत की मादकता और साहित्य की सुगंध व्याप्त थी। कवि सम्मेलन में प्रस्तुत रचनाओं ने देशभक्ति, सामाजिक सरोकार, प्रेम, हास्य-व्यंग्य और ओज के विविध रंग बिखेरे। प्रत्येक सारगर्भित पंक्ति पर श्रोताओं ने तालियों से कवियों का उत्साहवर्धन किया। कवियों की ओजस्वी वाणी, भावपूर्ण प्रस्तुति और सशक्त विचारों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी रचनाओं ने पूरे वातावरण को आनंद, उत्साह और साहित्यिक चेतना से भर दिया। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि राकेश पांडेय, रवि मोहन शुक्ल, पवन पांडेय, कृष्ण मोहन शुक्ल, आनंद विहारी शुक्ल, आनंद पांडेय, मोहन चंद्र पांडेय सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। उनकी सहभागिता से यह आयोजन ऐतिहासिक और स्मरणीय बन गया। कवि सम्मेलन में विवेक सिंह ‘दीपक’, डॉ. नीलम सिंह चौहान, हिमांशु कुमार ‘अमर’ सिंह, कवयित्री अल्पना अवस्थी, त्रिलोकी सिंह ‘रवि’ चौहान, संजीव तिवारी ‘सरस’, देवेश राज सिंह ‘राघव’, नंदिनी देवी गौतम, सुरेन्द्र मिश्रा ‘सूर्य’ गौतम, डॉ. महेन्द्र कुमार अवस्थी, प्रेम प्रकाश शुक्ल ‘मधुर’, अमन सिंह ‘विशाल’ अवस्थी, राजकुमार दुबे ‘प्रणय’ और शैलेन्द्र कुमार अवस्थी ने अपनी प्रभावशाली रचनाओं से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।





































