भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी ने मनाई बसंत पंचमी:सरस्वती पूजा, भंडारा और सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं रही आकर्षण का केंद्र

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श्रावस्ती में 62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), भिनगा ने बसंत पंचमी का पावन पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया। कमांडेंट अमरेन्द्र कुमार वरुण के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में वाहिनी परिसर स्थित मंदिर में मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की गई। पूजा के उपरांत एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें वाहिनी के अधिकारी, जवान और उनके परिवारजन बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस अवसर पर आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ वाहिनी परिवार के बीच आपसी एकता और सौहार्द को सुदृढ़ करना था। बसंत पंचमी के अवसर पर वाहिनी की संदीक्षा सदस्यों के लिए विभिन्न सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। इनमें पुष्प रंगोली प्रतियोगिता, पुष्प गुलदस्ता प्रतियोगिता और फ्लोवर लुक प्रतियोगिता प्रमुख रहीं। संदीक्षा सदस्यों ने इन प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी सृजनात्मकता और कलात्मक सोच का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली प्रतिभागियों को संदीक्षा अध्यक्षा द्वारा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कमांडेंट अमरेन्द्र कुमार वरुण ने कहा कि बसंत पंचमी ज्ञान, विद्या, संस्कार और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक पर्व है। उन्होंने बताया कि मां सरस्वती की उपासना से हमें ज्ञान, विवेक, अनुशासन और नैतिक मूल्यों की प्रेरणा मिलती है। कमांडेंट वरुण ने आगे कहा कि ऐसे सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजनों से न केवल हमारी प्राचीन परंपराओं का संरक्षण होता है, बल्कि वाहिनी परिवार के बीच मानसिक सशक्तता, आपसी सहयोग और एकता की भावना भी मजबूत होती है। उन्होंने संदीक्षा सदस्यों की सक्रिय भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सहभागिता भारतीय सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। कार्यक्रम का समापन सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ।

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