विशेश्वरगंज, 23 जनवरी। आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती के अवसर पर बहराइच में ‘प्रेरणा संकल्प कार्यक्रम’ आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जिला कांग्रेस सेवादल बहराइच के तत्वावधान में सेनानी ग्राम शेखापुर में हुआ। कार्यक्रम का आयोजन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर रघुपति सिंह की प्रतिमा स्थल पर किया गया। इसकी अध्यक्षता उनके उत्तराधिकारी वयोवृद्ध सेनानी श्री भारत सिंह ने की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष विष्णु यादव ने नेताजी के योगदानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा’ और ‘दिल्ली चलो’ जैसे नारों से देशवासियों में जोश भरने वाले नेताजी का जन्म 23 जनवरी 1897 को कटक (बंगाल) में हुआ था। उन्होंने आईसीएस जैसी प्रतिष्ठित सेवा को त्याग कर देश की आज़ादी के लिए संघर्ष का मार्ग चुना। मंडल कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दुर्गेश सिंह ने कहा कि नेताजी ने बंगाल की धरती से ‘वंदे मातरम्’ का उद्घोष कर अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी। गांधीवादी नेता इंद्र कुमार यादव ने बताया कि महात्मा गांधी को ‘राष्ट्रपिता’ की उपाधि नेताजी ने ही दी थी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता विनय सिंह ने नेताजी के राजनीतिक जीवन पर बात की। उन्होंने बताया कि पूर्ण स्वराज की मांग को लेकर जेल में रहते हुए भी नेताजी मेयर का चुनाव जीतने में सफल रहे थे। उन्होंने 1938 में हरिपुरा और 1939 में त्रिपुरा कांग्रेस अधिवेशन की अध्यक्षता कर देश को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान की। इस अवसर पर ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ के तहत चौपाल चर्चा भी आयोजित की गई। इसके अतिरिक्त, ग्राम शेखापुर से गांधी चबूतरा गंगवल तक पदयात्रा निकालकर नेताजी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
बहराइच में प्रेरणा संकल्प कार्यक्रम आयोजित: नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती मनाई गई, उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया – Visheshwarganj(Bahraich) News
विशेश्वरगंज, 23 जनवरी। आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती के अवसर पर बहराइच में ‘प्रेरणा संकल्प कार्यक्रम’ आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जिला कांग्रेस सेवादल बहराइच के तत्वावधान में सेनानी ग्राम शेखापुर में हुआ। कार्यक्रम का आयोजन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर रघुपति सिंह की प्रतिमा स्थल पर किया गया। इसकी अध्यक्षता उनके उत्तराधिकारी वयोवृद्ध सेनानी श्री भारत सिंह ने की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष विष्णु यादव ने नेताजी के योगदानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा’ और ‘दिल्ली चलो’ जैसे नारों से देशवासियों में जोश भरने वाले नेताजी का जन्म 23 जनवरी 1897 को कटक (बंगाल) में हुआ था। उन्होंने आईसीएस जैसी प्रतिष्ठित सेवा को त्याग कर देश की आज़ादी के लिए संघर्ष का मार्ग चुना। मंडल कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दुर्गेश सिंह ने कहा कि नेताजी ने बंगाल की धरती से ‘वंदे मातरम्’ का उद्घोष कर अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी। गांधीवादी नेता इंद्र कुमार यादव ने बताया कि महात्मा गांधी को ‘राष्ट्रपिता’ की उपाधि नेताजी ने ही दी थी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता विनय सिंह ने नेताजी के राजनीतिक जीवन पर बात की। उन्होंने बताया कि पूर्ण स्वराज की मांग को लेकर जेल में रहते हुए भी नेताजी मेयर का चुनाव जीतने में सफल रहे थे। उन्होंने 1938 में हरिपुरा और 1939 में त्रिपुरा कांग्रेस अधिवेशन की अध्यक्षता कर देश को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान की। इस अवसर पर ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ के तहत चौपाल चर्चा भी आयोजित की गई। इसके अतिरिक्त, ग्राम शेखापुर से गांधी चबूतरा गंगवल तक पदयात्रा निकालकर नेताजी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।





































