सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और वन विभाग ने देवपुरा गांव में संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से काटकर रखी गई सागवान की लकड़ी के 80 बोटा बरामद किए हैं। यह कार्रवाई अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगभग 13 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में की गई। 09वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के समवाय खंगरानाका को लगभग 13:15 बजे विश्वसनीय स्रोत से सूचना मिली थी कि देवपुरा गांव में अवैध सागवान की लकड़ी काटकर रखी गई है। सूचना की पुष्टि होने के बाद बनकटवा वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई। सूचना के आधार पर, एसएसबी की टीम और वन विभाग के कार्मिकों ने मिलकर देवपुरा गांव में छापेमारी की। इस दौरान एक खेत से पहले से काटकर रखे गए सागवान की लकड़ी के कुल 80 बोटा बरामद किए गए। नजदीकी ग्रामीणों से पूछताछ की गई, लेकिन किसी भी व्यक्ति ने इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी। इसके बाद वन विभाग ने बरामद लकड़ी को जब्त कर लिया और ग्रामीण वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 1976 की धारा 4/10 तथा टी.पी. अधिनियम की धारा 3/28 के तहत अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध केस संख्या 43/25-26 दर्ज किया। 09वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल द्वारा सीमांत क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए निरंतर गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि वन संपदा और पर्यावरण का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
देवपुरा में अवैध सागवान लकड़ी बरामद:एसएसबी-वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 80 बोटा जब्त
सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और वन विभाग ने देवपुरा गांव में संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से काटकर रखी गई सागवान की लकड़ी के 80 बोटा बरामद किए हैं। यह कार्रवाई अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगभग 13 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में की गई। 09वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के समवाय खंगरानाका को लगभग 13:15 बजे विश्वसनीय स्रोत से सूचना मिली थी कि देवपुरा गांव में अवैध सागवान की लकड़ी काटकर रखी गई है। सूचना की पुष्टि होने के बाद बनकटवा वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई। सूचना के आधार पर, एसएसबी की टीम और वन विभाग के कार्मिकों ने मिलकर देवपुरा गांव में छापेमारी की। इस दौरान एक खेत से पहले से काटकर रखे गए सागवान की लकड़ी के कुल 80 बोटा बरामद किए गए। नजदीकी ग्रामीणों से पूछताछ की गई, लेकिन किसी भी व्यक्ति ने इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी। इसके बाद वन विभाग ने बरामद लकड़ी को जब्त कर लिया और ग्रामीण वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 1976 की धारा 4/10 तथा टी.पी. अधिनियम की धारा 3/28 के तहत अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध केस संख्या 43/25-26 दर्ज किया। 09वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल द्वारा सीमांत क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए निरंतर गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि वन संपदा और पर्यावरण का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।




















