हरैया सतघरवा के कोहड़ौरा में साधन सहकारी समिति पर धान खरीद केंद्र न होने से किसान परेशान हैं। उन्हें अपनी धान की उपज औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। किसान बब्लू उपाध्याय, श्रवण कुमार, शीतला, मक्खन लाल और ओमप्रकाश ने बताया कि न्याय पंचायत कोहड़ौरा की साधन सहकारी समिति पर जिले के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा धान क्रय केंद्र स्थापित नहीं किया गया है। धान की मड़ाई के बाद फसल तैयार होने के बावजूद, किसानों को बिचौलियों के हाथों 1500 से 1600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान बेचना पड़ रहा है। राजेश कुमार, पंकज कुमार और संतोष कुमार जैसे अन्य किसानों ने भी अपनी समस्या बताई। उनका कहना है कि जंगल से सटे गांवों में सरकार द्वारा धान खरीद केंद्र संचालित न होने के कारण वे अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर नहीं बेच पा रहे हैं। साधन सहकारी समिति कोहड़ौरा के अध्यक्ष माता प्रसाद तिवारी ने पुष्टि की कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा धान खरीद केंद्र नहीं बनाया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विधायक और संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी गई है। तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला ने इस मामले पर संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय किसानों की समस्याओं को देखते हुए, धान क्रय केंद्र खोले जाने के संबंध में एआरसीएस (सहायक निबंधक सहकारी समितियां) को पत्र लिखा गया है। विधायक ने कोहड़ौरा में साधन सहकारी समिति में शीघ्र क्रय केंद्र संचालित करने को कहा है।
कोहड़ौरा में धान खरीद केंद्र नहीं, किसान परेशान:औने-पौने दाम पर धान बेचने को मजबूर, विधायक से की मांग
हरैया सतघरवा के कोहड़ौरा में साधन सहकारी समिति पर धान खरीद केंद्र न होने से किसान परेशान हैं। उन्हें अपनी धान की उपज औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। किसान बब्लू उपाध्याय, श्रवण कुमार, शीतला, मक्खन लाल और ओमप्रकाश ने बताया कि न्याय पंचायत कोहड़ौरा की साधन सहकारी समिति पर जिले के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा धान क्रय केंद्र स्थापित नहीं किया गया है। धान की मड़ाई के बाद फसल तैयार होने के बावजूद, किसानों को बिचौलियों के हाथों 1500 से 1600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान बेचना पड़ रहा है। राजेश कुमार, पंकज कुमार और संतोष कुमार जैसे अन्य किसानों ने भी अपनी समस्या बताई। उनका कहना है कि जंगल से सटे गांवों में सरकार द्वारा धान खरीद केंद्र संचालित न होने के कारण वे अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर नहीं बेच पा रहे हैं। साधन सहकारी समिति कोहड़ौरा के अध्यक्ष माता प्रसाद तिवारी ने पुष्टि की कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा धान खरीद केंद्र नहीं बनाया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विधायक और संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी गई है। तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला ने इस मामले पर संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय किसानों की समस्याओं को देखते हुए, धान क्रय केंद्र खोले जाने के संबंध में एआरसीएस (सहायक निबंधक सहकारी समितियां) को पत्र लिखा गया है। विधायक ने कोहड़ौरा में साधन सहकारी समिति में शीघ्र क्रय केंद्र संचालित करने को कहा है।





































