सिद्धार्थनगर जिला एवं सत्र न्यायालय ने हत्या के प्रयास के एक मामले में मंगलवार को फैसला सुनाया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास और 6 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। यह फैसला थाना ढेबरुआ क्षेत्र से जुड़े एक मामले में आया है। यह मामला वर्ष 2020 का है। थाना ढेबरुआ क्षेत्र में आपसी रंजिश के चलते एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला किया गया था। हमले में धारदार हथियार और अवैध असलहे का इस्तेमाल किया गया, जिससे पीड़ित गंभीर रूप से घायल हो गया था। पुलिस ने घटना के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया और विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान और चिकित्सकीय रिपोर्ट एकत्र की। इसके आधार पर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पूरे घटनाक्रम को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया। गवाहों के बयान और मेडिकल साक्ष्यों ने अभियोजन पक्ष को मजबूत आधार प्रदान किया। लंबी सुनवाई के बाद, मंगलवार को अदालत ने सभी उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया। न्यायालय ने अभियुक्त विश्वनाथ उर्फ मजनू पुत्र नीबर, निवासी धरुआर, थाना ढेबरुआ को हत्या के प्रयास सहित अन्य आरोपों में दोषी ठहराया। फैसला सुनाते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने टिप्पणी की कि ऐसे अपराध न केवल पीड़ित के जीवन को संकट में डालते हैं, बल्कि समाज में भय और असुरक्षा का माहौल भी पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है, ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे और आमजन में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत हो। अदालत के इस निर्णय को जिले में अपराध के खिलाफ एक कड़ा और स्पष्ट संदेश माना जा रहा है। यह दर्शाता है कि गंभीर अपराध करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
हत्या के प्रयास में दोषी को 10 साल की सजा:सिद्धार्थनगर में कोर्ट ने 6 हजार का लगाया जुर्माना
सिद्धार्थनगर जिला एवं सत्र न्यायालय ने हत्या के प्रयास के एक मामले में मंगलवार को फैसला सुनाया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास और 6 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। यह फैसला थाना ढेबरुआ क्षेत्र से जुड़े एक मामले में आया है। यह मामला वर्ष 2020 का है। थाना ढेबरुआ क्षेत्र में आपसी रंजिश के चलते एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला किया गया था। हमले में धारदार हथियार और अवैध असलहे का इस्तेमाल किया गया, जिससे पीड़ित गंभीर रूप से घायल हो गया था। पुलिस ने घटना के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया और विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान और चिकित्सकीय रिपोर्ट एकत्र की। इसके आधार पर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पूरे घटनाक्रम को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया। गवाहों के बयान और मेडिकल साक्ष्यों ने अभियोजन पक्ष को मजबूत आधार प्रदान किया। लंबी सुनवाई के बाद, मंगलवार को अदालत ने सभी उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया। न्यायालय ने अभियुक्त विश्वनाथ उर्फ मजनू पुत्र नीबर, निवासी धरुआर, थाना ढेबरुआ को हत्या के प्रयास सहित अन्य आरोपों में दोषी ठहराया। फैसला सुनाते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने टिप्पणी की कि ऐसे अपराध न केवल पीड़ित के जीवन को संकट में डालते हैं, बल्कि समाज में भय और असुरक्षा का माहौल भी पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है, ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे और आमजन में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत हो। अदालत के इस निर्णय को जिले में अपराध के खिलाफ एक कड़ा और स्पष्ट संदेश माना जा रहा है। यह दर्शाता है कि गंभीर अपराध करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।





































