सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 09वीं वाहिनी ने बलरामपुर के सीमावर्ती ग्राम बघेलखंड में 23 दिसंबर 2025 को एक निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में 44 किसानों के कुल 207 पशुओं का उपचार किया गया। यह शिविर 09वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, बलरामपुर के कमांडेंट श्री मनोरंजन कुमार पाण्डेय के निर्देशन और द्वितीय कमान अधिकारी श्री कुमुद रंजन के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण पशु स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना था। शिविर में क्षेत्रक मुख्यालय सशस्त्र सीमा बल, गोरखपुर से आए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एस.जी.) डॉ. चंदन तालुकदार ने पशुओं का परीक्षण, उपचार और आवश्यक परामर्श प्रदान किया। इस दौरान लाभार्थी किसानों को निःशुल्क दवाइयाँ भी वितरित की गईं। पशु चिकित्सा शिविर में सामान्य रोगों के उपचार के अतिरिक्त डी-वर्मिंग, परजीवी नियंत्रण, टीकाकरण से संबंधित जानकारी, रोग-निवारण उपाय तथा पशुओं के पोषण एवं प्रबंधन पर उपयोगी सलाह दी गई। इससे किसानों को अपने पशुधन की बेहतर देखभाल करने और उत्पादकता बढ़ाने में सहायता मिलेगी। इस अवसर पर ग्राम बघेलखंड के ग्राम प्रधान मो. नसीम अहमद भी उपस्थित रहे, जिन्होंने सशस्त्र सीमा बल के इन जनकल्याणकारी प्रयासों की सराहना की। ऐसे शिविरों का लक्ष्य सीमावर्ती क्षेत्रों में पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाना, पशुपालकों की आजीविका को सुदृढ़ करना तथा दुग्ध एवं कृषि-आधारित आय में स्थिरता लाना है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
बघेलखंड में लगाया निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर:44 किसानों के 207 पशुओं का हुआ उपचार, ग्रामीणों में उत्साह
सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 09वीं वाहिनी ने बलरामपुर के सीमावर्ती ग्राम बघेलखंड में 23 दिसंबर 2025 को एक निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में 44 किसानों के कुल 207 पशुओं का उपचार किया गया। यह शिविर 09वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, बलरामपुर के कमांडेंट श्री मनोरंजन कुमार पाण्डेय के निर्देशन और द्वितीय कमान अधिकारी श्री कुमुद रंजन के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण पशु स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना था। शिविर में क्षेत्रक मुख्यालय सशस्त्र सीमा बल, गोरखपुर से आए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एस.जी.) डॉ. चंदन तालुकदार ने पशुओं का परीक्षण, उपचार और आवश्यक परामर्श प्रदान किया। इस दौरान लाभार्थी किसानों को निःशुल्क दवाइयाँ भी वितरित की गईं। पशु चिकित्सा शिविर में सामान्य रोगों के उपचार के अतिरिक्त डी-वर्मिंग, परजीवी नियंत्रण, टीकाकरण से संबंधित जानकारी, रोग-निवारण उपाय तथा पशुओं के पोषण एवं प्रबंधन पर उपयोगी सलाह दी गई। इससे किसानों को अपने पशुधन की बेहतर देखभाल करने और उत्पादकता बढ़ाने में सहायता मिलेगी। इस अवसर पर ग्राम बघेलखंड के ग्राम प्रधान मो. नसीम अहमद भी उपस्थित रहे, जिन्होंने सशस्त्र सीमा बल के इन जनकल्याणकारी प्रयासों की सराहना की। ऐसे शिविरों का लक्ष्य सीमावर्ती क्षेत्रों में पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाना, पशुपालकों की आजीविका को सुदृढ़ करना तथा दुग्ध एवं कृषि-आधारित आय में स्थिरता लाना है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।



































