बस्ती में भाजपा कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी ने बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने बताया कि दीपू चंद्र दास एक सामान्य श्रमिक था, जिसकी आपसी विवाद में वहां के कट्टरपंथियों ने धार्मिक रंग देकर हत्या कर दी। पूर्व सांसद ने कहा कि जिस तरह से यह मॉब लिंचिंग की गई है, उसकी पूरी दुनिया निंदा कर रही है। उन्होंने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री और वहां की सरकार से इस गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान लेने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। हरीश द्विवेदी ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश जैसे कई देश आतंकवादी और कट्टरपंथी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि बीते तीन-चार वर्षों में बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों पर हमले हुए हैं, हिंदुओं की दुकानों को जलाया गया है और बड़ी संख्या में हिंदुओं की हत्याएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को लेकर पूरे भारत में भारी आक्रोश है और देश के अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं। पूर्व सांसद ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आने वाले समय में इस तरह की घटनाएं नहीं रुकीं, तो निश्चित रूप से हिंदुस्तान भी इसका मुंहतोड़ जवाब देगा। हरीश द्विवेदी ने बस्तीवासियों से भी अपील की कि यदि जिले में कहीं भी किसी भी रूप में बांग्लादेशी घुसपैठिए दिखाई दें, तो उन्हें चिन्हित कर तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि उन्हें यहां से बाहर निकालने की व्यवस्था की जा सके। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से भी अपेक्षा जताई कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जाए, ताकि पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों पर रोक लग सके।
































