नगर पंचायत चौक स्थित दिग्विजयनाथ इंटरमीडिएट कॉलेज, दिग्विजयनाथ बालिका इंटर कॉलेज और गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में बसंत पंचमी-नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर विरासत, विज्ञान-नवाचार पर आधारित एक भव्य प्रदर्शनी व मेले का आयोजन किया गया। इस आयोजन में छात्रों द्वारा प्रस्तुत विज्ञान मॉडल, कृषि तकनीकी उत्पाद, शिल्प एवं कला, फूड स्टॉल, सामाजिक, वाणिज्य एवं शैक्षिक मॉडल के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय मीरजापुर की कुलपति प्रो. शोभा गौड़ ने छात्रों को अपनी योग्यताओं का प्रदर्शन करने और परिस्थितियों का रोना न रोने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नवाचार के साथ अपनी विरासत को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना ही शिक्षा का उद्देश्य है। प्रो. गौड़ ने इस स्तर के आयोजन को क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बताया। विशिष्ट अतिथि सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया ने छात्रों से विरासत, विज्ञान और नवाचार के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष राजेश मोहन सरकार ने विद्यार्थी जीवन को स्वर्ण युग बताते हुए कहा कि इस समय किया गया प्रयास जीवन की दिशा तय करता है। इस अवसर पर स्वस्थ जीवन शैली एवं आजीविका परामर्श केंद्र, बाबा गंभीर नाथ कौशल विकास केंद्र तथा मां कौशल्या स्वावलंबन केंद्र का उद्घाटन किया गया। विज्ञान क्लब द्वारा प्रस्तुत छह मॉडलों को पेटेंट के लिए अग्रसारित किया गया। आभार ज्ञापन करते हुए डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह ने छात्रों से अपने हुनर को दिशा देने और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करने का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राकेश कुमार तिवारी ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
विरासत, विज्ञान, नवाचार प्रदर्शनी और मेला संपन्न: छात्रों ने प्रस्तुत किए मॉडल, कुलपति बोले- राष्ट्र निर्माण में योगदान देना ही शिक्षा का उद्देश्य – Mohanpur(Nichlaul) News
नगर पंचायत चौक स्थित दिग्विजयनाथ इंटरमीडिएट कॉलेज, दिग्विजयनाथ बालिका इंटर कॉलेज और गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में बसंत पंचमी-नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर विरासत, विज्ञान-नवाचार पर आधारित एक भव्य प्रदर्शनी व मेले का आयोजन किया गया। इस आयोजन में छात्रों द्वारा प्रस्तुत विज्ञान मॉडल, कृषि तकनीकी उत्पाद, शिल्प एवं कला, फूड स्टॉल, सामाजिक, वाणिज्य एवं शैक्षिक मॉडल के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय मीरजापुर की कुलपति प्रो. शोभा गौड़ ने छात्रों को अपनी योग्यताओं का प्रदर्शन करने और परिस्थितियों का रोना न रोने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नवाचार के साथ अपनी विरासत को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना ही शिक्षा का उद्देश्य है। प्रो. गौड़ ने इस स्तर के आयोजन को क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बताया। विशिष्ट अतिथि सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया ने छात्रों से विरासत, विज्ञान और नवाचार के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष राजेश मोहन सरकार ने विद्यार्थी जीवन को स्वर्ण युग बताते हुए कहा कि इस समय किया गया प्रयास जीवन की दिशा तय करता है। इस अवसर पर स्वस्थ जीवन शैली एवं आजीविका परामर्श केंद्र, बाबा गंभीर नाथ कौशल विकास केंद्र तथा मां कौशल्या स्वावलंबन केंद्र का उद्घाटन किया गया। विज्ञान क्लब द्वारा प्रस्तुत छह मॉडलों को पेटेंट के लिए अग्रसारित किया गया। आभार ज्ञापन करते हुए डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह ने छात्रों से अपने हुनर को दिशा देने और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करने का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राकेश कुमार तिवारी ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।





































