फरेंदा (महराजगंज), 23 जनवरी। निर्वाचन नियमावली 2025-26 के गहन पुनरीक्षण के तहत गुरुवार को फरेंदा तहसील के डेस्क हेल्प केंद्र पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही सैकड़ों ग्रामीण अपने नाम जोड़ने, हटाने और संशोधित कराने के लिए पहुंचे, जिससे लंबी कतारें लग गईं। इस दौरान ग्रामीणों को घंटों इंतजार करना पड़ा। विशेष रूप से महिलाओं को नाम कटने, आधार लिंकिंग और फॉर्म जमा करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। डेस्क हेल्प केंद्र पर मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए फॉर्म भरने की प्रक्रिया चल रही थी। दूर-दराज से आए ग्रामीणों ने व्यवस्था पर सवाल उठाए। एक बुजुर्ग महिला मीरा देवी ने बताया कि उनका नाम सूची से गायब हो गया है और वे तीन घंटे से लाइन में खड़ी हैं, लेकिन फॉर्म नहीं भर पाईं। इसी तरह, रानी देवी ने शिकायत की कि आधार कार्ड चेक करने वाले अधिकारी अनुपस्थित थे। तहसीलदार वशिष्ठ वर्मा ने जानकारी दी कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 2025-26 की मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चल रहा है। यह प्रक्रिया 28 अक्टूबर से शुरू हुई थी और 7 फरवरी 2026 तक अंतिम प्रकाशन का लक्ष्य रखा गया है। फरेंदा विधानसभा क्षेत्र में अब तक 42 से अधिक आपत्तियां दर्ज की जा चुकी हैं, जिनकी जांच जारी है। हालांकि, डेस्क पर भीड़ प्रबंधन की कमी के कारण महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं। कई महिलाओं को दोबारा आने की सलाह दी गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि ऑनलाइन पोर्टल काम नहीं कर रहा है, जिसके कारण सभी तहसील पहुंच रहे हैं। उन्होंने स्टाफ बढ़ाने या अलग काउंटर खोलने की मांग की। बीएलओ और आरओ को प्रारूप सूची का अवलोकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अव्यवस्था साफ दिखाई दी। प्रशासन ने शुक्रवार को अतिरिक्त स्टाफ तैनात करने का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों ने मोबाइल डेस्क हेल्प को गांवों में भेजने की भी मांग की, ताकि तहसील पर दबाव कम हो सके। यह प्रक्रिया निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है, जिसके लिए व्यवस्था में सुधार आवश्यक है।
फरेंदा तहसील में निर्वाचन नियमावली पुनरीक्षण पर उमड़ी भीड़: नाम जोड़ने, हटाने और आधार लिंकिंग में ग्रामीणों को परेशानी – Pharenda News
फरेंदा (महराजगंज), 23 जनवरी। निर्वाचन नियमावली 2025-26 के गहन पुनरीक्षण के तहत गुरुवार को फरेंदा तहसील के डेस्क हेल्प केंद्र पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही सैकड़ों ग्रामीण अपने नाम जोड़ने, हटाने और संशोधित कराने के लिए पहुंचे, जिससे लंबी कतारें लग गईं। इस दौरान ग्रामीणों को घंटों इंतजार करना पड़ा। विशेष रूप से महिलाओं को नाम कटने, आधार लिंकिंग और फॉर्म जमा करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। डेस्क हेल्प केंद्र पर मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए फॉर्म भरने की प्रक्रिया चल रही थी। दूर-दराज से आए ग्रामीणों ने व्यवस्था पर सवाल उठाए। एक बुजुर्ग महिला मीरा देवी ने बताया कि उनका नाम सूची से गायब हो गया है और वे तीन घंटे से लाइन में खड़ी हैं, लेकिन फॉर्म नहीं भर पाईं। इसी तरह, रानी देवी ने शिकायत की कि आधार कार्ड चेक करने वाले अधिकारी अनुपस्थित थे। तहसीलदार वशिष्ठ वर्मा ने जानकारी दी कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 2025-26 की मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चल रहा है। यह प्रक्रिया 28 अक्टूबर से शुरू हुई थी और 7 फरवरी 2026 तक अंतिम प्रकाशन का लक्ष्य रखा गया है। फरेंदा विधानसभा क्षेत्र में अब तक 42 से अधिक आपत्तियां दर्ज की जा चुकी हैं, जिनकी जांच जारी है। हालांकि, डेस्क पर भीड़ प्रबंधन की कमी के कारण महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं। कई महिलाओं को दोबारा आने की सलाह दी गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि ऑनलाइन पोर्टल काम नहीं कर रहा है, जिसके कारण सभी तहसील पहुंच रहे हैं। उन्होंने स्टाफ बढ़ाने या अलग काउंटर खोलने की मांग की। बीएलओ और आरओ को प्रारूप सूची का अवलोकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अव्यवस्था साफ दिखाई दी। प्रशासन ने शुक्रवार को अतिरिक्त स्टाफ तैनात करने का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों ने मोबाइल डेस्क हेल्प को गांवों में भेजने की भी मांग की, ताकि तहसील पर दबाव कम हो सके। यह प्रक्रिया निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है, जिसके लिए व्यवस्था में सुधार आवश्यक है।










































