बहराइच जिले की नानपारा तहसील में शुक्रवार को तहसीलदार रविकांत दुबे और लेखपालों के बीच विवाद हो गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लेखपाल तहसीलदार के चैंबर में घुस गए और अपशब्दों का प्रयोग करते हुए जमकर नोंकझोंक हुई। घटना की सूचना पर क्षेत्राधिकारी नानपारा पहुप सिंह और कोतवाल राजनाथ सिंह मौके पर पहुंचे। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, तहसीलदार रविकांत दुबे शुक्रवार को एसआईआर (SIR) के तहत नो-मैपिंग से संबंधित एक सुनवाई कर रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर लेखपाल नाराज हो गए, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और गाली-गलौज के साथ नोंकझोंक हुई। विवाद के संबंध में जब तहसीलदार रविकांत दुबे से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया। वहीं, लेखपालों ने मौखिक रूप से बताया कि तहसीलदार ने उनके साथ अभद्रता की थी, लेकिन कैमरे के सामने उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने दोनों पक्षों के बीच हुए इस विवाद की जांच के लिए मुख्य राजस्व अधिकारी की अध्यक्षता में एक टीम गठित की है। इस टीम में उप जिलाधिकारी (न्यायिक), कैसरगंज प्रकाश सिंह और तहसीलदार, बहराइच (सदर) अनुरूद्ध यादव शामिल हैं। जिलाधिकारी ने टीम को नानपारा तहसील में हुई घटना से संबंधित सभी तथ्यों की जांच कर दो दिनों के भीतर स्पष्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
नानपारा तहसील में तहसीलदार-लेखपालों के बीच नोंकझोंक: जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए टीम गठित की – Bahraich News
बहराइच जिले की नानपारा तहसील में शुक्रवार को तहसीलदार रविकांत दुबे और लेखपालों के बीच विवाद हो गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लेखपाल तहसीलदार के चैंबर में घुस गए और अपशब्दों का प्रयोग करते हुए जमकर नोंकझोंक हुई। घटना की सूचना पर क्षेत्राधिकारी नानपारा पहुप सिंह और कोतवाल राजनाथ सिंह मौके पर पहुंचे। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, तहसीलदार रविकांत दुबे शुक्रवार को एसआईआर (SIR) के तहत नो-मैपिंग से संबंधित एक सुनवाई कर रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर लेखपाल नाराज हो गए, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और गाली-गलौज के साथ नोंकझोंक हुई। विवाद के संबंध में जब तहसीलदार रविकांत दुबे से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया। वहीं, लेखपालों ने मौखिक रूप से बताया कि तहसीलदार ने उनके साथ अभद्रता की थी, लेकिन कैमरे के सामने उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने दोनों पक्षों के बीच हुए इस विवाद की जांच के लिए मुख्य राजस्व अधिकारी की अध्यक्षता में एक टीम गठित की है। इस टीम में उप जिलाधिकारी (न्यायिक), कैसरगंज प्रकाश सिंह और तहसीलदार, बहराइच (सदर) अनुरूद्ध यादव शामिल हैं। जिलाधिकारी ने टीम को नानपारा तहसील में हुई घटना से संबंधित सभी तथ्यों की जांच कर दो दिनों के भीतर स्पष्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।






































