महराजगंज के ठूठीबारी पंचायत भवन में शनिवार को बाल विवाह और बाल श्रम मुक्त ग्राम सभा पर एक बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के निर्देशन, जिला पंचायत राज अधिकारी के मार्गदर्शन और खंड विकास अधिकारी के नेतृत्व में हुई इस बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान अजीत कुमार ने की। बैठक में श्रवण कुमार ने ग्राम सभा को बाल विवाह और बाल श्रम से मुक्त करने की प्रक्रिया पर चर्चा की। उन्होंने ग्राम पंचायत में बाल विवाह पंजिका और सुरक्षित पलायन पंजिका रखने का सुझाव दिया। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों और चौराहों पर बाल विवाह व बाल श्रम से संबंधित हेल्पलाइन नंबरों का दीवार लेखन और पोस्टर लगाने पर भी जोर दिया गया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान अजीत कुमार ने कहा कि ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ और ‘बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश’ अभियान के तहत, उनका लक्ष्य 2027 तक अपने गांव को बाल श्रम और बाल विवाह से पूरी तरह मुक्त करना है। मिशन शक्ति कोतवाली की इंस्पेक्टर खुशबू ने बालिका और महिलाओं की सुरक्षा पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। एसएसबी के उप निरीक्षक सजल दास ने बच्चों को नियमित स्कूल भेजने, उनके साथ मित्रवत व्यवहार रखने और ‘गुड पैरेंटिंग’ के बारे में लोगों को जागरूक किया। समिति की सिस्टर जगरानी ने बच्चों को नियमित स्कूल भेजने, हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग और राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बालिकाओं की शिक्षा व सशक्तिकरण को बढ़ावा देने पर जानकारी दी। बैठक के अंत में, बाल संरक्षण कार्यकर्ता साधना देवी और मेनका देवी ने ‘बाल विवाह मुक्त ठूठीबारी’ के लिए उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई।
ठूठीबारी में बाल विवाह, बाल श्रम मुक्त ग्राम सभा बैठक: 2027 तक गांव को मुक्त करने का लक्ष्य, बालिका सशक्तिकरण पर जोर – Bahuar(Nichlaul) News
महराजगंज के ठूठीबारी पंचायत भवन में शनिवार को बाल विवाह और बाल श्रम मुक्त ग्राम सभा पर एक बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के निर्देशन, जिला पंचायत राज अधिकारी के मार्गदर्शन और खंड विकास अधिकारी के नेतृत्व में हुई इस बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान अजीत कुमार ने की। बैठक में श्रवण कुमार ने ग्राम सभा को बाल विवाह और बाल श्रम से मुक्त करने की प्रक्रिया पर चर्चा की। उन्होंने ग्राम पंचायत में बाल विवाह पंजिका और सुरक्षित पलायन पंजिका रखने का सुझाव दिया। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों और चौराहों पर बाल विवाह व बाल श्रम से संबंधित हेल्पलाइन नंबरों का दीवार लेखन और पोस्टर लगाने पर भी जोर दिया गया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान अजीत कुमार ने कहा कि ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ और ‘बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश’ अभियान के तहत, उनका लक्ष्य 2027 तक अपने गांव को बाल श्रम और बाल विवाह से पूरी तरह मुक्त करना है। मिशन शक्ति कोतवाली की इंस्पेक्टर खुशबू ने बालिका और महिलाओं की सुरक्षा पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। एसएसबी के उप निरीक्षक सजल दास ने बच्चों को नियमित स्कूल भेजने, उनके साथ मित्रवत व्यवहार रखने और ‘गुड पैरेंटिंग’ के बारे में लोगों को जागरूक किया। समिति की सिस्टर जगरानी ने बच्चों को नियमित स्कूल भेजने, हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग और राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बालिकाओं की शिक्षा व सशक्तिकरण को बढ़ावा देने पर जानकारी दी। बैठक के अंत में, बाल संरक्षण कार्यकर्ता साधना देवी और मेनका देवी ने ‘बाल विवाह मुक्त ठूठीबारी’ के लिए उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई।






































