बलरामपुर पुलिस ने जनपद में चोरी की घटनाओं पर लगाम कसने में बड़ी सफलता हासिल की है। थाना रेहरा बाजार पुलिस ने एक अंतरजनपदीय चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 11 चोरी के मोबाइल फोन, सोने-चांदी के जेवरात, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और हथियार बरामद किए हैं। यह कार्रवाई 22 जनवरी 2026 को थाना रेहरा बाजार में मोबाइल चोरी की अलग-अलग घटनाओं को लेकर दो मुकदमे दर्ज किए जाने के बाद शुरू हुई। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 जनवरी 2026 को दतौली बॉर्डर के पास से तीन अभियुक्तों रुपेश यादव, हरीश पाण्डेय उर्फ हगड़ा और शोएब शेख उर्फ बाबू को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे नशे के आदी थे और नशे की पूर्ति के लिए चोरी व नकबजनी की वारदातें करते थे। वे मोटरसाइकिल से गांवों और कस्बों में घूमकर मकानों व दुकानों की रेकी करते थे और मौका पाकर चोरी का माल सस्ते दामों में बेच देते थे। पुलिस ने एक जोड़ी चांदी का ब्रासलेट, पीली धातु का लॉकेट लगा चैन, 11 विभिन्न कंपनियों के चोरी के मोबाइल फोन, एक रायडर मोटरसाइकिल, बांका, छेनी और कैंची बरामद की है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास लंबा है और वे पहले भी चोरी व लूट की घटनाओं में शामिल रह चुके हैं। पुलिस ने बरामद माल के साथ तीनों अभियुक्तों को न्यायालय भेज दिया है। गिरफ्तारी टीम में उपनिरीक्षक नन्दकेश तिवारी, उपनिरीक्षक प्रभात पाल, हेड कांस्टेबल आदित्य कुमार राय, कांस्टेबल सुशील सिंह, रमेश वर्मा और रोहिताश्व चौहान शामिल थे।
बलरामपुर में अंतरजनपदीय चोर गिरोह का खुलासा:तीन शातिर चोर गिरफ्तार, 11 मोबाइल-जेवरात बरामद
बलरामपुर पुलिस ने जनपद में चोरी की घटनाओं पर लगाम कसने में बड़ी सफलता हासिल की है। थाना रेहरा बाजार पुलिस ने एक अंतरजनपदीय चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 11 चोरी के मोबाइल फोन, सोने-चांदी के जेवरात, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और हथियार बरामद किए हैं। यह कार्रवाई 22 जनवरी 2026 को थाना रेहरा बाजार में मोबाइल चोरी की अलग-अलग घटनाओं को लेकर दो मुकदमे दर्ज किए जाने के बाद शुरू हुई। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 जनवरी 2026 को दतौली बॉर्डर के पास से तीन अभियुक्तों रुपेश यादव, हरीश पाण्डेय उर्फ हगड़ा और शोएब शेख उर्फ बाबू को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे नशे के आदी थे और नशे की पूर्ति के लिए चोरी व नकबजनी की वारदातें करते थे। वे मोटरसाइकिल से गांवों और कस्बों में घूमकर मकानों व दुकानों की रेकी करते थे और मौका पाकर चोरी का माल सस्ते दामों में बेच देते थे। पुलिस ने एक जोड़ी चांदी का ब्रासलेट, पीली धातु का लॉकेट लगा चैन, 11 विभिन्न कंपनियों के चोरी के मोबाइल फोन, एक रायडर मोटरसाइकिल, बांका, छेनी और कैंची बरामद की है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास लंबा है और वे पहले भी चोरी व लूट की घटनाओं में शामिल रह चुके हैं। पुलिस ने बरामद माल के साथ तीनों अभियुक्तों को न्यायालय भेज दिया है। गिरफ्तारी टीम में उपनिरीक्षक नन्दकेश तिवारी, उपनिरीक्षक प्रभात पाल, हेड कांस्टेबल आदित्य कुमार राय, कांस्टेबल सुशील सिंह, रमेश वर्मा और रोहिताश्व चौहान शामिल थे।





































