महराजगंज के फरेंदा में बुधवार को एक हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में हनुमानगढ़ी अयोध्या सिद्धपीठ के महंत महामंडलेश्वर स्वामी महेश योगी जी महाराज शामिल हुए। उनके आगमन से कार्यक्रम स्थल पर सैकड़ों की संख्या में सनातनी श्रद्धालु एकत्र हो गए, जिससे वातावरण श्रद्धा और उत्साह से भर गया। स्वामी महेश योगी जी महाराज का स्वागत पारंपरिक रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया। उनके मंच पर पहुंचते ही पूरा पंडाल ‘जय श्रीराम’ और ‘हर-हर महादेव’ के नारों से गूंज उठा। सम्मेलन में महिलाओं, युवाओं, छात्र-छात्राओं और बुजुर्गों सहित सभी वर्गों की उल्लेखनीय भागीदारी देखी गई। अपने संबोधन में महामंडलेश्वर स्वामी महेश योगी जी महाराज ने सनातन धर्म को केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली संस्कृति बताया। उन्होंने समाज को संगठित रहने, धर्म और परंपराओं की रक्षा करने तथा राष्ट्रहित में एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। महाराज जी ने युवाओं से नशे, भटकाव और अधर्म से दूर रहकर शिक्षा, सेवा और संस्कार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। सम्मेलन के दौरान मुख्य वक्ता क्षेत्र प्रचारक अनिल जी ने भी सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। पूरे कार्यक्रम में भजन-कीर्तन, वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक उद्घोषों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल और बैठने की समुचित व्यवस्था की थी। कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। फरेंदा थाना सहित आसपास के कई थानों की पुलिस फोर्स कार्यक्रम स्थल पर तैनात रही और लगातार निगरानी करती रही। सम्मेलन के समापन पर आयोजकों ने सभी संतों, अतिथियों, प्रशासन और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से सनातन चेतना को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।
फरेंदा में भव्य हिंदू सम्मेलन: हनुमानगढ़ी के महंत स्वामी महेश योगी महाराज ने किया संबोधित – Pharenda News
महराजगंज के फरेंदा में बुधवार को एक हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में हनुमानगढ़ी अयोध्या सिद्धपीठ के महंत महामंडलेश्वर स्वामी महेश योगी जी महाराज शामिल हुए। उनके आगमन से कार्यक्रम स्थल पर सैकड़ों की संख्या में सनातनी श्रद्धालु एकत्र हो गए, जिससे वातावरण श्रद्धा और उत्साह से भर गया। स्वामी महेश योगी जी महाराज का स्वागत पारंपरिक रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया। उनके मंच पर पहुंचते ही पूरा पंडाल ‘जय श्रीराम’ और ‘हर-हर महादेव’ के नारों से गूंज उठा। सम्मेलन में महिलाओं, युवाओं, छात्र-छात्राओं और बुजुर्गों सहित सभी वर्गों की उल्लेखनीय भागीदारी देखी गई। अपने संबोधन में महामंडलेश्वर स्वामी महेश योगी जी महाराज ने सनातन धर्म को केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली संस्कृति बताया। उन्होंने समाज को संगठित रहने, धर्म और परंपराओं की रक्षा करने तथा राष्ट्रहित में एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। महाराज जी ने युवाओं से नशे, भटकाव और अधर्म से दूर रहकर शिक्षा, सेवा और संस्कार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। सम्मेलन के दौरान मुख्य वक्ता क्षेत्र प्रचारक अनिल जी ने भी सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। पूरे कार्यक्रम में भजन-कीर्तन, वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक उद्घोषों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल और बैठने की समुचित व्यवस्था की थी। कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। फरेंदा थाना सहित आसपास के कई थानों की पुलिस फोर्स कार्यक्रम स्थल पर तैनात रही और लगातार निगरानी करती रही। सम्मेलन के समापन पर आयोजकों ने सभी संतों, अतिथियों, प्रशासन और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से सनातन चेतना को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।




































