महराजगंज के पनियरा विकास खंड स्थित कंपोजिट विद्यालय रतनपुरवा में न्याय पंचायत स्तरीय ‘शिक्षा चौपाल’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना और अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई के प्रति जागरूक करना था। मुख्य अतिथि एआरपी राकेश यादव ने ‘निपुण भारत मिशन’ की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का आग्रह किया। विशिष्ट अतिथि नोडल संकुल मो. अय्यूब अंसारी ने ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के 19 पैरामीटर्स की जानकारी दी। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि डीबीटी (DBT) के माध्यम से मिली धनराशि से बच्चों के लिए यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और स्टेशनरी तत्काल खरीदें। चौपाल में तकनीकी शिक्षा पर भी विस्तृत चर्चा हुई। सुरेंद्र शर्मा ने डिजिटल संसाधनों और ऑनलाइन शिक्षण के महत्व को समझाया, जबकि वरेश कुमार ने कविता के माध्यम से ‘निपुण लक्ष्य’ के प्रति जागरूकता फैलाई। शिक्षक सुभानल्लाह ने टीएलएम (TLM) का उपयोग कर खेल-खेल में शिक्षा देने के तरीके बताए। कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों ने सरस्वती वंदना, स्वागत नृत्य और शिक्षा पर आधारित एक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। इसके अतिरिक्त, विद्यालय के विकास में सहयोग देने वाले अभिभावकों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। विद्यालय की ओर से आईडी कार्ड और टाई पाकर बच्चे प्रसन्न दिखे। प्रधानाध्यापक त्रिलोकीनाथ प्रजापति ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया और अभिभावकों से नियमित रूप से पीटीएम (PTM) में शामिल होने तथा बच्चों को प्रतिदिन स्कूल भेजने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन वरेश कुमार ने किया। इस अवसर पर एसएमसी अध्यक्ष सरिता देवी, शिक्षक गोवर्धन, विजय कुमार, राममिलन सहित बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।
पनियरा के रतनपुरवा में ‘शिक्षा चौपाल’ का आयोजन: बच्चों की शिक्षा गुणवत्ता पर जोर दिया, अभिभावक हुए जागरूक – Paniyara(Maharajganj) News
महराजगंज के पनियरा विकास खंड स्थित कंपोजिट विद्यालय रतनपुरवा में न्याय पंचायत स्तरीय ‘शिक्षा चौपाल’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना और अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई के प्रति जागरूक करना था। मुख्य अतिथि एआरपी राकेश यादव ने ‘निपुण भारत मिशन’ की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का आग्रह किया। विशिष्ट अतिथि नोडल संकुल मो. अय्यूब अंसारी ने ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के 19 पैरामीटर्स की जानकारी दी। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि डीबीटी (DBT) के माध्यम से मिली धनराशि से बच्चों के लिए यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और स्टेशनरी तत्काल खरीदें। चौपाल में तकनीकी शिक्षा पर भी विस्तृत चर्चा हुई। सुरेंद्र शर्मा ने डिजिटल संसाधनों और ऑनलाइन शिक्षण के महत्व को समझाया, जबकि वरेश कुमार ने कविता के माध्यम से ‘निपुण लक्ष्य’ के प्रति जागरूकता फैलाई। शिक्षक सुभानल्लाह ने टीएलएम (TLM) का उपयोग कर खेल-खेल में शिक्षा देने के तरीके बताए। कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों ने सरस्वती वंदना, स्वागत नृत्य और शिक्षा पर आधारित एक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। इसके अतिरिक्त, विद्यालय के विकास में सहयोग देने वाले अभिभावकों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। विद्यालय की ओर से आईडी कार्ड और टाई पाकर बच्चे प्रसन्न दिखे। प्रधानाध्यापक त्रिलोकीनाथ प्रजापति ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया और अभिभावकों से नियमित रूप से पीटीएम (PTM) में शामिल होने तथा बच्चों को प्रतिदिन स्कूल भेजने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन वरेश कुमार ने किया। इस अवसर पर एसएमसी अध्यक्ष सरिता देवी, शिक्षक गोवर्धन, विजय कुमार, राममिलन सहित बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।










































