बाल रक्षा भारत संस्था द्वारा उत्तर प्रदेश के पांच जनपदों में चलाया गया तीन दिवसीय ई-रिक्शा जागरूकता अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। ‘सखी: इनिशिएटिव टू सिक्योर हर फ्यूचर’ कार्यक्रम के तहत यह अभियान 24 जनवरी को शुरू हुआ था। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी समुदायों के बीच माहवारी स्वच्छता (Menstrual Hygiene) और बालिका शिक्षा के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना था। गोण्डा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती और बाराबंकी जिलों में यह अभियान चलाया गया। माहवारी से जुड़ी वर्जनाएं और जानकारी का अभाव अक्सर बालिकाओं की शिक्षा में बाधा बनता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए ई-रिक्शा ने विभिन्न गांवों और मोहल्लों का भ्रमण किया। अभिभावकों और किशोरियों को यह संदेश दिया गया कि सुरक्षित माहवारी प्रबंधन और निरंतर शिक्षा ही बालिकाओं के उज्जवल भविष्य की नींव है। इस अभियान के माध्यम से इन पांचों जिलों के शहरों, ब्लॉकों और सैकड़ों गांवों में हजारों परिवारों तक ‘स्वच्छता और शिक्षा’ का संदेश पहुंचाया गया। ‘सखी’ पहल का लक्ष्य किशोरियों को सशक्त बनाना है ताकि वे स्वास्थ्य चुनौतियों और सामाजिक बाधाओं को पार कर अपनी शिक्षा पूरी कर सकें। बाल रक्षा भारत संस्था ने इस अभियान को शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से संचालित किया। इस जागरूकता कार्यक्रम में जिला, ब्लॉक एवं ग्राम स्तरीय हितधारकों, विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं, अभिभावकों तथा बच्चों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की।



































