महसी (बहराइच) के श्री सिद्धेश्वर नाथ ब्रह्मचारी संकल्पा देवरायपुर में आयोजित दिव्य रामलीला एवं धार्मिक महोत्सव के चौथे दिन रविवार को ‘अहिल्या उद्धार’ और ‘पावनी गंगा अवतरण’ प्रसंगों का सजीव मंचन किया गया। कलाकारों की अद्भुत प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंचन में दिखाया गया कि कैसे प्रभु श्री राम के चरण स्पर्श से पत्थर बनी अहिल्या का उद्धार हुआ। इसके बाद, राजा भगीरथ की कठोर तपस्या और स्वर्ग से धरती पर गंगा के अवतरण के दृश्य ने दर्शकों को प्रभावित किया। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। उनकी साज-सज्जा और जीवंत अभिनय की सभी ने सराहना की। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य लोगों सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इन आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना है। कार्यक्रम का समापन आरती के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा।
अहिल्या उद्धार और गंगा अवतरण का सजीव मंचन: देवरायपुर संकल्पा रामलीला में भक्तिमय प्रस्तुतियां, श्रद्धालु मंत्रमुग्ध – Mahsi News
महसी (बहराइच) के श्री सिद्धेश्वर नाथ ब्रह्मचारी संकल्पा देवरायपुर में आयोजित दिव्य रामलीला एवं धार्मिक महोत्सव के चौथे दिन रविवार को ‘अहिल्या उद्धार’ और ‘पावनी गंगा अवतरण’ प्रसंगों का सजीव मंचन किया गया। कलाकारों की अद्भुत प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंचन में दिखाया गया कि कैसे प्रभु श्री राम के चरण स्पर्श से पत्थर बनी अहिल्या का उद्धार हुआ। इसके बाद, राजा भगीरथ की कठोर तपस्या और स्वर्ग से धरती पर गंगा के अवतरण के दृश्य ने दर्शकों को प्रभावित किया। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। उनकी साज-सज्जा और जीवंत अभिनय की सभी ने सराहना की। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य लोगों सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इन आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना है। कार्यक्रम का समापन आरती के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा।





































