अयोध्या में 21 जनवरी को श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ मनाई गई है। इस अवसर पर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में रविवार को भक्तिमय वातावरण देखा जा रहा है। विकासखंड जरवा के बालापुर, जरवा, रनियापुर, बघेलखंड, पिपरा दुर्गानगर और नगई सहित कई गांवों में सुंदरकांड पाठ, अखंड रामायण और भंडारे का आयोजन किया गया है। इन धार्मिक आयोजनों के बीच पुष्पांजलि, सरस्वती, जमुना देवी, अखिलेश और मिथिलेश तिवारी सहित अनेक श्रद्धालुओं ने पवित्र नगरी अयोध्या से गुरु दीक्षा प्राप्त की। उन्होंने धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। गुरु दीक्षा के बाद इन श्रद्धालुओं ने अपने-अपने गांवों में रविवार से तीन दिवसीय अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान रामू मिश्रा कीर्तन पार्टी के सदस्य रामू मिश्रा, पप्पू, राम उजागर, शिवकुमार, गुरु वर्मा, संजय, नीरज और अंकुर द्वारा भजन-कीर्तन और रामायण पाठ किया जा रहा है। इससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना हुआ है। आयोजक मिथिलेश तिवारी ने बताया कि भगवान राम के बाल स्वरूप की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से धार्मिक गतिविधियों में तेजी आई है। यह आयोजन मंगलवार को विशाल भंडारे के साथ संपन्न होगा। रामायण पाठ की समाप्ति के पश्चात हवन-पूजन किया जाएगा और साधु-संतों, ब्राह्मणों एवं ग्रामीण श्रद्धालुओं को प्रसाद व भोज कराया जाएगा।
अयोध्या प्राण प्रतिष्ठा वर्षगांठ पर ग्रामीण क्षेत्रों में राम नाम:जरवा के कई गांवों में तीन दिवसीय अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ
अयोध्या में 21 जनवरी को श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ मनाई गई है। इस अवसर पर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में रविवार को भक्तिमय वातावरण देखा जा रहा है। विकासखंड जरवा के बालापुर, जरवा, रनियापुर, बघेलखंड, पिपरा दुर्गानगर और नगई सहित कई गांवों में सुंदरकांड पाठ, अखंड रामायण और भंडारे का आयोजन किया गया है। इन धार्मिक आयोजनों के बीच पुष्पांजलि, सरस्वती, जमुना देवी, अखिलेश और मिथिलेश तिवारी सहित अनेक श्रद्धालुओं ने पवित्र नगरी अयोध्या से गुरु दीक्षा प्राप्त की। उन्होंने धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। गुरु दीक्षा के बाद इन श्रद्धालुओं ने अपने-अपने गांवों में रविवार से तीन दिवसीय अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान रामू मिश्रा कीर्तन पार्टी के सदस्य रामू मिश्रा, पप्पू, राम उजागर, शिवकुमार, गुरु वर्मा, संजय, नीरज और अंकुर द्वारा भजन-कीर्तन और रामायण पाठ किया जा रहा है। इससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना हुआ है। आयोजक मिथिलेश तिवारी ने बताया कि भगवान राम के बाल स्वरूप की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से धार्मिक गतिविधियों में तेजी आई है। यह आयोजन मंगलवार को विशाल भंडारे के साथ संपन्न होगा। रामायण पाठ की समाप्ति के पश्चात हवन-पूजन किया जाएगा और साधु-संतों, ब्राह्मणों एवं ग्रामीण श्रद्धालुओं को प्रसाद व भोज कराया जाएगा।






































