
श्रावस्ती जनपद के इकौना थाना क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में नीलगायों का प्रकोप किसानों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। नीलगायों के झुंड लगातार खेतों में घुसकर गेहूं, सरसों सहित अन्य रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत बर्बाद हो रही है। स्थानीय किसानों ने बताया कि वे अपनी फसलों की रखवाली के लिए दिन-रात खेतों में पहरा देने को मजबूर हैं, लेकिन इसका कोई खास असर नहीं हो रहा है। जैसे ही किसान कुछ समय के लिए खेत से हटते हैं, नीलगायों के झुंड फिर से खेतों में घुस आते हैं और खड़ी फसल को तेजी से चर जाते हैं। किसानों के अनुसार, रात के समय यह समस्या और भी बढ़ जाती है। अंधेरे का फायदा उठाकर नीलगाय बड़े झुंडों में खेतों में प्रवेश करती हैं और देखते ही देखते बड़ी मात्रा में फसल बर्बाद कर देती हैं। तारबंदी, पहरा, शोर मचाना, पटाखे छोड़ना और रोशनी की व्यवस्था जैसे पारंपरिक उपाय भी अब कारगर साबित नहीं हो पा रहे हैं। इस लगातार बढ़ती समस्या के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। फसल नष्ट होने से उनकी आय पर सीधा असर पड़ रहा है, जिससे परिवारों के भरण-पोषण की चिंता भी बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि रात-रात भर जागने से शारीरिक थकान और मानसिक तनाव भी बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण किसानों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर ध्यान देने और नीलगायों के प्रकोप से फसलों की सुरक्षा के लिए ठोस एवं स्थायी समाधान खोजने की मांग की है, ताकि उनकी मेहनत और आजीविका सुरक्षित रह सके।







































