PWD की ‘खूनी इंजीनियरिंग’: निचलौल-पुरैना मार्ग पर मौत का जाल बनी संकरी पुलिया, क्या प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतज़ार?

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महराजगंज | रिपोर्ट: हेमंत कुमार दुबे

महराजगंज।विकास के दावों के बीच निचलौल-पुरैना मार्ग इन दिनों राहगीरों के लिए ‘डेथ ट्रैप’ (मौत का जाल) साबित हो रहा है। जमुई पंडित के पास नहर पर बनी एक मामूली सी पुलिया सरकारी सिस्टम की संवेदनहीनता और PWD विभाग की आधी-अधूरी कार्यप्रणाली का जीता-जागता प्रमाण है।आश्चर्य की बात यह है कि PWD विभाग ने अपनी कागजी खानापूर्ति करते हुए पुलिया के दोनों ओर की सड़कों का चौड़ीकरण तो शानदार तरीके से कर दिया, लेकिन मुख्य कड़ी यानी ‘पुलिया’ को उसके पुराने और जर्जर हाल पर ही छोड़ दिया। स्थिति यह है कि चौड़ी सड़क पर रफ्तार से आ रहे वाहन जैसे ही अचानक इस संकरी पुलिया पर पहुँचते हैं, वे अनियंत्रित हो जाते हैं। यह तकनीकी खामी अब सुरक्षित सफर के बजाय हादसों को दावत दे रही है।इस जानलेवा लापरवाही को लेकर स्थानीय निवासियों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। घनश्याम, शैलेश, राजकुमार गुप्त और नंद कुमार समेत दर्जनों ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारी कार्यालयों में बैठकर किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं।
> “सड़क चौड़ी और पुल संकरा—यह विकास नहीं, बल्कि आम जनता की जान से सीधा खिलवाड़ है। अगर जल्द ही इस पुलिया का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण नहीं हुआ, तो हम सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को विवश होंगे।” — स्थानीय ग्रामीण
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इस गंभीर विषय पर वस्तुस्थिति जानने के लिए हमारे संवाददाता ने PWD के अधिशासी अभियंता (XEN) राजकुमार मिश्र से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन बार-बार कोशिश के बावजूद उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा। अधिकारियों की यह चुप्पी क्षेत्र की जनता की सुरक्षा के प्रति उनकी गंभीरता पर बड़े सवालिया निशान खड़े करती है।

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